सरायकेला-खरसावां में विद्यार्थियों ने समझी ग्रामीण जलापूर्ति और पानी की जांच प्रक्रिया

जल जनभागीदारी अभियान के तहत कक्षा आठवीं, दसवीं और ग्यारहवीं के विद्यार्थियों ने ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं तथा जिला स्तरीय जल जांच प्रयोगशाला का शैक्षणिक भ्रमण किया।

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सरायकेला-खरसावां जिले में जल जनभागीदारी अभियान के तहत विद्यार्थियों को ग्रामीण पेयजल व्यवस्था और पानी की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया। सरायकेला प्रमंडल में 2 से 15 अक्टूबर तक चल रहे इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, पेयजल स्रोतों की स्वच्छता और सुरक्षित पानी की उपलब्धता को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।

अभियान के दौरान कक्षा आठवीं, दसवीं और ग्यारहवीं के विद्यार्थियों ने संबंधित विभागीय कर्मियों के साथ एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का भौतिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक पेयजल पहुंचाने वाली व्यवस्था, पाइपलाइन नेटवर्क और योजनाओं के तकनीकी संचालन को नजदीक से देखा।

विद्यार्थियों को जल वितरण प्रणाली के नियमित संचालन और रखरखाव से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी दी गई। इस गतिविधि के माध्यम से उन्हें सार्वजनिक जलापूर्ति व्यवस्था की कार्यप्रणाली समझाने के साथ उसके प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।

फील्ड भ्रमण के अलावा विद्यार्थियों को जिला स्तरीय जल जांच प्रयोगशाला ले जाया गया। वहां तकनीकी विशेषज्ञों ने अलग-अलग पेयजल स्रोतों से वैज्ञानिक तरीके से नमूने एकत्र करने की विधि समझाई। छात्रों को यह भी बताया गया कि जांच के लिए पानी का नमूना सही ढंग से लेना क्यों जरूरी है।

प्रयोगशाला में पानी में घुले रासायनिक तत्वों, बैक्टीरिया और अन्य अशुद्धियों की पहचान की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने दूषित पानी से होने वाले खतरों और मानव शरीर के लिए स्वच्छ पेयजल की आवश्यकता के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया।

अभियान के तहत जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थित विभिन्न सार्वजनिक पेयजल स्रोतों की सफाई भी की गई। ग्रामीणों से जल स्रोतों को दूषित होने से बचाने की अपील की गई और जल संसाधनों के संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर जोर दिया गया।