लोहरदगा जिले के कुड़ू में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने ‘दलहन-तिलहन लगाओ, खेत बचाओ’ कार्यक्रम के तहत अभियान शुरू किया है। कुड़ू कृषि फार्म हाउस में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में किसानों को दलहन और तिलहन की खेती के महत्व तथा कृषि भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी कालेन खलखो और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों और कृषक मित्रों ने अभियान के उद्देश्यों तथा खेती से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा की। किसानों को अधिक क्षेत्र में दलहन और तिलहन की फसलें लेने के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर रहा।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि खेती को बेहतर और टिकाऊ बनाने के लिए खेतों की उर्वरा शक्ति सुरक्षित रखना जरूरी है। इसके लिए किसानों को फसल चयन और कृषि भूमि के उचित उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यशाला में बताया गया कि फसल चक्र में दलहन और तिलहन को शामिल करने से खेती में विविधता बढ़ाने के साथ मिट्टी की सेहत को लाभ मिल सकता है।
अभियान में डिजिटल क्रॉप सर्वे को भी महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है। सर्वे के जरिए खेतों की मौजूदा स्थिति, फसलों और कृषि संबंधी जरूरतों का विवरण जुटाने पर जोर दिया गया। इस जानकारी से यह समझने में मदद मिलने की बात कही गई कि अलग-अलग खेतों में खेती सुधारने के लिए किन उपायों की आवश्यकता है।
आत्मा के तहत कार्यरत कृषक मित्र पायलट परियोजना की निगरानी और किसानों को अभियान से जोड़ने में भूमिका निभाएंगे। कार्यशाला में उन्हें डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रक्रिया समझाई गई। वे किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाने और दलहन-तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करने में विभाग का सहयोग करेंगे।
कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी विवेक कुमार के साथ कृषि विभाग से जुड़े कर्मी और कृषक मित्र उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, फसल विविधीकरण बढ़ाने और सर्वे के आधार पर कृषि जरूरतों की पहचान करने को अभियान के प्रमुख बिंदुओं के रूप में सामने रखा गया।