केंद्रीय कृषि मंत्री आज रांची में, केंद्र प्रायोजित योजनाओं की जमीनी दिक्कतें उठाएगा झारखंड

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के रांची दौरे से पहले राज्य ने कृषि, पशुपालन और सहकारिता से जुड़ी केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की है।

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रांची में केंद्र प्रायोजित कृषि योजनाओं की समीक्षा करते मंत्री और विभागीय अधिकारी

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आठ अक्टूबर के रांची दौरे को लेकर झारखंड सरकार ने अपना एजेंडा तैयार किया है। राज्य सरकार उनके सामने केंद्र प्रायोजित कृषि योजनाओं को लागू करने में आ रही जमीनी और व्यावहारिक परेशानियां रखेगी। किसानों, पशुपालकों और अन्य लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए केंद्र से जरूरी सहयोग मांगने की भी तैयारी है।

दौरे से पहले राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने संबंधित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। नेपाल हाउस स्थित मंत्री आवास में हुई बैठक के दौरान योजनाओं की प्रगति, वर्तमान क्रियान्वयन, लाभुकों तक उनकी पहुंच और आवंटित राशि के समयबद्ध उपयोग पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने कार्यान्वयन के दौरान सामने आ रही बाधाओं की पहचान भी की।

समीक्षा में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, रेनफेड एरिया डेवलपमेंट, सॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी और एग्रो फॉरेस्ट्री समेत कई कार्यक्रम शामिल रहे। कृषि उन्नति योजना, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन और राष्ट्रीय खाद्य तेलहन मिशन की स्थिति पर भी विचार किया गया।

इसके अलावा सीड्स एंड प्लांटिंग मटेरियल, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन और डीपीआर आधारित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक का जोर इस बात पर रहा कि स्वीकृत योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का असर लाभुकों तक पहुंचे तथा राशि का उपयोग तय समय और उद्देश्य के अनुरूप हो।

राज्य की कृषि मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के काम में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता, पारदर्शिता और जमीनी प्रभाव पर ध्यान देने का निर्देश दिया। बैठक में यह पक्ष भी सामने रखा गया कि केंद्र से सहयोग मांगते समय झारखंड की भौगोलिक, सामाजिक और कृषि संबंधी परिस्थितियों को आधार बनाया जाएगा।

समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दीक़, विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी और कृषि निदेशक विद्यानंद पंकज मौजूद रहे। उद्यान, पशुपालन, गव्य, भूमि संरक्षण और समेति के निदेशकों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। चिह्नित समस्याओं को केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखकर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए समाधान और सहयोग हासिल करना बैठक का प्रमुख उद्देश्य रहा।