नेमरा में आज होगा रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार, प्रशासन ने तेज की तैयारियां

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर रांची से रामगढ़ के नेमरा ले जाया जाएगा। अंतिम संस्कार के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया है।

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रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार से पहले नेमरा में तैयारियों का जायजा लेते अधिकारी

रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार किया जाएगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडे के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर सुबह रांची से नेमरा ले जाने और दोपहर 12 बजे अंतिम संस्कार करने का कार्यक्रम तय किया गया है।

नेमरा पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का पैतृक गांव है। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रामगढ़ जिला प्रशासन ने गांव में आवश्यक व्यवस्थाएं तेज कर दी हैं। अधिकारियों का ध्यान सुरक्षा, यातायात और भीड़ को व्यवस्थित रखने पर है।

रामगढ़ के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने नेमरा पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने श्मशान घाट और पैतृक आवास का जायजा लेने के साथ विधि-व्यवस्था से जुड़े प्रबंधों को देखा। इस दौरान झामुमो की रामगढ़ जिला संयोजक मंडली के प्रमुख विनोद किस्कू भी उपस्थित रहे।

रूपी सोरेन का बुधवार को रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हुआ था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह लंबे समय से अस्वस्थ थीं और 18 सितंबर को सांस लेने में परेशानी के बाद अस्पताल में भर्ती कराई गई थीं। उपचार के दौरान उनकी सेहत में उतार-चढ़ाव बना रहा और सात अक्टूबर को स्थिति बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया।

वह मूल रूप से सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र की रहने वाली थीं। वर्ष 1962 में उनका विवाह शिबू सोरेन से हुआ था और विवाह से पहले उनका नाम रूपी किस्कू था। परिवार में उनके तीन बेटे—दिवंगत दुर्गा सोरेन, हेमंत सोरेन और बसंत सोरेन—तथा बेटी अंजनी सोरेन हैं।

निधन के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक जताया है। झामुमो की ओर से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। अब नेमरा में अंतिम संस्कार के लिए पारिवारिक और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी की जा रही हैं, ताकि पहुंचने वाले लोगों के बीच व्यवस्था और सुरक्षा बनी रहे।