कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन (केटीपीएस) में आईसीटी मेंटेनेंस शुरू होने के कारण बिजली उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया है। इससे कोडरमा जिले में बिजली की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका है। बिजली विभाग के मुताबिक, रविवार सुबह 11 बजे से केटीपीएस से आपूर्ति बंद है और रखरखाव का काम पूरा होने तक यही स्थिति बनी रह सकती है।
केटीपीएस से हुए अनुबंध के तहत कोडरमा बिजली विभाग को 80 मेगावाट बिजली मिल रही थी। उत्पादन रुकने के बाद इतनी बिजली उपलब्ध नहीं हो सकेगी। विभाग ने दूसरे पावर प्लांट से वैकल्पिक आपूर्ति की व्यवस्था शुरू की है, लेकिन वहां से फिलहाल जरूरत की केवल आधी बिजली मिलने की संभावना बताई गई है।
बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता रणधीर कुमार के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में जिले को 80 मेगावाट के स्थान पर करीब 40 मेगावाट बिजली मिलेगी। इस कमी के कारण मांग और उपलब्धता के बीच अंतर बढ़ सकता है। इसका असर अलग-अलग इलाकों में बिजली आपूर्ति की अवधि पर पड़ने की आशंका है।
शेष 40 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने संबंधित स्तर पर पत्र भेजा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था जल्द हो सकती है। वैकल्पिक आपूर्ति पूरी तरह उपलब्ध होने तक उपभोक्ताओं को कम बिजली मिलने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
बिजली संकट का असर केवल कोडरमा शहर तक सीमित नहीं रहने की बात कही गई है। जिले के सभी प्रखंडों में उपलब्ध बिजली के आधार पर आपूर्ति संचालित की जाएगी। ऐसे में अलग-अलग क्षेत्रों में आपूर्ति का समय प्रभावित हो सकता है, हालांकि विभाग ने किसी क्षेत्र के लिए कटौती की अलग समय-सारिणी नहीं बताई है।
विभाग ने उपभोक्ताओं से मेंटेनेंस की अवधि में संयम रखने और उपलब्ध बिजली के अनुसार जरूरी काम करने की अपील की है। फिलहाल अतिरिक्त बिजली जुटाने के प्रयास जारी हैं। विभाग के अनुसार, वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत होने के बाद जिले में आपूर्ति की स्थिति सुधर सकती है।