राजमहल में खतरे के निशान से ऊपर गंगा, तेज बहाव के बीच घाटों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

राजमहल नगर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। तेज धारा के बावजूद बच्चों के नदी में नहाने और खेलने से सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ी है।

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राजमहल में बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के बीच गंगा घाट का दृश्य

साहिबगंज जिले के राजमहल नगर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी में तेज बहाव और पानी का फैलाव बढ़ने के बीच घाटों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता सामने आई है। बच्चे बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के नदी में उतरकर नहाते और खेलते दिखाई दे रहे हैं।

अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों पर पानी लगातार फैल रहा है और धारा भी तेज बताई गई है। ऐसी स्थिति में नदी में उतरना जोखिम भरा हो सकता है। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई गई है कि पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर कोई दुर्घटना हो सकती है।

साहिबगंज के दियारा क्षेत्र भी गंगा के बढ़े जलस्तर से पूरी तरह बाढ़ प्रभावित बताए गए हैं। प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन की ओर से राहत सामग्री बांटी जा रही है। सामग्री वितरण की सूचना मिलने पर महिला और पुरुष अपनी-अपनी छोटी नावों से राहत लेने के लिए निकले।

राजमहल के घाटों पर बच्चों के नदी में जाने से रोकने के लिए अभिभावकों की निगरानी को महत्वपूर्ण बताया गया है। मौजूदा जलस्तर और बहाव को देखते हुए उनसे बच्चों पर लगातार नजर रखने तथा उन्हें असुरक्षित घाटों और गहरे पानी से दूर रखने की अपील की गई है।

स्थानीय लोगों ने संवेदनशील गंगा घाटों पर पुलिस या प्रशासन की टीम तैनात करने की मांग की है। इसके साथ ही माइक से चेतावनी प्रसारित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि नदी किनारे पहुंचने वाले लोगों को बढ़े जलस्तर और तेज धारा के खतरे की जानकारी मिल सके।

फिलहाल मुख्य चिंता उन स्थानों को लेकर है जहां पानी का फैलाव बढ़ने के बाद भी बच्चों की आवाजाही जारी है। घाटों पर निगरानी, सार्वजनिक चेतावनी और परिवारों की सतर्कता को किसी अनहोनी से बचाव के लिए जरूरी माना जा रहा है।