कोडरमा में जिला निर्यात कार्ययोजना पर बैठक, संभावित उत्पादों और जरूरी सुविधाओं की होगी पहचान

कोडरमा में निर्यात संवर्धन समिति ने कृषि, खाद्य, मत्स्य और खनिज आधारित उत्पादों की संभावनाओं की समीक्षा की। संभावित निर्यातकों की सूची और जरूरी परीक्षणों की जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए गए।

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कोडरमा में जिला स्तरीय निर्यात संवर्धन समिति की बैठक में उपस्थित अधिकारी और प्रतिनिधि

कोडरमा में स्थानीय उत्पादों को निर्यात बाजार से जोड़ने के लिए जिला निर्यात कार्ययोजना पर काम आगे बढ़ाया गया है। शनिवार को डीडीसी रवि जैन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निर्यात संवर्धन समिति की बैठक हुई। इसमें संभावित उत्पादों की पहचान से लेकर उनकी गुणवत्ता, प्रमाणन, बाजार मांग और निर्यात में आने वाली समस्याओं तक विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।

बैठक में कृषि एवं खाद्य उत्पादों के साथ आलू, स्थानीय खाद्य सामग्री, मछली, सूखे उत्पाद और खनिज आधारित वस्तुओं की निर्यात संभावनाओं पर विचार हुआ। अधिकारियों ने कहा कि किसी उत्पाद का चयन उसकी उत्पादन क्षमता, बाजार में मांग, गुणवत्ता, कानूनी अनुपालन और व्यावहारिक निर्यात संभावना को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

उत्पादों को बाहरी बाजार के अनुरूप तैयार करने के लिए गुणवत्ता परीक्षण, खाद्य सुरक्षा मानकों, जैविक प्रमाणन और आईईसी से जुड़े अनुपालन की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। एमआरएल और हेवी मेटल समेत आवश्यक जांचों के संबंध में संबंधित विभागों से समन्वय करने की बात कही गई।

समिति ने माना कि केवल उत्पादों की पहचान पर्याप्त नहीं होगी। निर्यात योग्य गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड चेन और अन्य आधारभूत सुविधाओं की जरूरत का आकलन भी करना होगा। बैठक में इन सुविधाओं के विकास की आवश्यकता सामने रखी गई।

डीजीएफटी की ओर से एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, खरीदार-विक्रेता बैठक और ईसीजीसी बीमा सहित विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। डीडीसी ने जिले के संभावित निर्यातकों, उत्पादकों और प्रोसेसरों की सूची तैयार करने तथा निर्यात की संभावना वाले उत्पादों को चिह्नित करने का निर्देश दिया।

बैठक में जिला उद्योग केंद्र, कृषि, मत्स्य, बैंकिंग और नाबार्ड से जुड़े अधिकारी तथा कोडरमा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रस्तावित सूचियों, परीक्षण संबंधी सूचनाओं और विभागीय समन्वय के आधार पर जिला निर्यात कार्ययोजना को प्रभावी रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।