खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड में सांडीगांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-20 का करीब आधा किलोमीटर हिस्सा वर्षों से जर्जर बना हुआ है। तुपुदाना से जैतगढ़ जाने वाले इस मार्ग पर बड़े गड्ढों और उखड़ी ऊपरी परत के कारण राहगीरों तथा वाहन चालकों को जोखिम के बीच आवागमन करना पड़ रहा है।
सड़क के कई हिस्सों में कंकड़-पत्थर बिखरे हैं और किनारों पर मिट्टी जमा है। बीच सड़क में बने गड्ढे यातायात को और मुश्किल बना रहे हैं। बारिश के दिनों में इनमें पानी भर जाने से वाहन चालकों के लिए गड्ढों का अनुमान लगाना भी कठिन हो जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि खराब सड़क के कारण इस हिस्से में लगातार दुर्घटनाएं हुई हैं। उनके अनुसार, हादसों में कई लोगों की जान गई और कुछ लोग घायल होने के बाद स्थायी रूप से दिव्यांग भी हुए। इन दावों की कोई स्वतंत्र आधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं कराई गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क की हालत सुधारने की मांग को लेकर पहले भी विरोध किया गया था। इसके बाद कुछ स्थानों पर पैबंद लगाए गए, लेकिन उनका कहना है कि मरम्मत कुछ दिनों में ही उखड़ गई। खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा भी दिशा की बैठकों में इस सड़क का मुद्दा उठा चुके हैं, फिर भी जर्जर हिस्से की स्थायी मरम्मत नहीं हो सकी है।
विभागीय स्तर पर ठोस काम नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने फिलहाल स्वयं गड्ढों में मिट्टी भरना शुरू किया है। उनका प्रयास रास्ते को कुछ हद तक चलने योग्य बनाने का है, हालांकि मिट्टी भरना अस्थायी व्यवस्था है और इससे क्षतिग्रस्त सड़क की मूल समस्या दूर नहीं होगी।
ग्रामीणों ने पूरे खराब हिस्से की गुणवत्तापूर्ण और स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल चुनिंदा स्थानों पर पैबंद लगाने के बजाय करीब आधा किलोमीटर लंबे जर्जर हिस्से का पुनर्निर्माण जरूरी है, ताकि यातायात सुरक्षित हो और बार-बार होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।