हजारीबाग पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस संस्मरण दिवस गरिमा के साथ मनाया गया। समारोह में देश और राज्य की सेवा करते हुए प्राण गंवाने वाले पुलिस अधिकारियों तथा जवानों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने शहीदों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम में डीआईजी अंजनी कुमार झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिले के डीएसपी, पुलिस इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान पुलिस बल की सेवा और कर्तव्य निर्वहन में दिए गए बलिदान को प्रमुखता से याद किया गया।
समारोह में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पुलिस विभाग शहीद कर्मियों के योगदान को याद रखने के साथ उनके परिवारों के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझता है।
एसपी अमन कुमार ने कार्यक्रम में पुलिस संस्मरण दिवस की पृष्ठभूमि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वर्ष 1959 में लद्दाख में हुई उस घटना से जुड़ी है, जिसमें गश्त के दौरान सीआरपीएफ के 10 जवानों ने चीनी सैनिकों का सामना करते हुए प्राण गंवाए थे।
एसपी के अनुसार, पिछले एक वर्ष में देशभर के 158 पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान शहीद हुए। इनमें झारखंड के तीन पुलिसकर्मी शामिल हैं—एक पुलिस पदाधिकारी और दो कांस्टेबल। समारोह में इन बलिदानों का उल्लेख करते हुए कर्तव्य के दौरान शहीद हुए सभी पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान प्रकट किया गया।
पुलिस संस्मरण दिवस का आयोजन शहीदों की स्मृति को बनाए रखने और उनके परिवारों के साथ एकजुटता जताने के उद्देश्य से किया गया। हजारीबाग में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर विभिन्न थानों के प्रतिनिधियों तक की भागीदारी रही और पूरे पुलिस बल ने अपने दिवंगत साथियों को सामूहिक रूप से नमन किया।