हजारीबाग स्थित झारखंड पुलिस अकादमी में बुधवार, 21 अक्टूबर को पुलिस संस्मरण दिवस परेड आयोजित की गई। अकादमी के अधिकारियों और कर्मियों ने सेवा तथा कर्तव्य पालन के दौरान जान गंवाने वाले देशभर के पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में झारखंड के तीन जवानों सहित कुल 154 शहीद पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को याद किया गया।
कार्यक्रम में अकादमी के निदेशक सह आईजी अखिलेश कुमार झा, वरिष्ठ उप-निदेशक मंजूर होदा, सहायक निदेशक विजय रंजन कुमार और सहायक निदेशक समीर सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे। अकादमी परिवार की ओर से शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए और देश की सुरक्षा में उनके योगदान का स्मरण किया गया।
समारोह में दी गई जानकारी के अनुसार, 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देशभर में 154 पुलिस अधिकारी और कर्मी कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए। इस सूची में झारखंड के पुलिस अवर निरीक्षक हेमंत भगत, आरक्षी सुनील राम और आरक्षी संतनु कुमार मेहता शामिल हैं। परेड के दौरान इन तीनों के साथ अन्य राज्यों के शहीद पुलिसकर्मियों को भी नमन किया गया।
आईजी अखिलेश कुमार झा ने पुलिस संस्मरण दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को उत्तर-पूर्वी लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। इस घटना में सात कर्मियों को बंदी भी बनाया गया था।
कार्यक्रम में बताया गया कि शहीद पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीर करीब तीन सप्ताह बाद वापस मिले और पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी स्मृति में वर्ष 1960 से हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस संस्मरण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। इसी परंपरा के तहत अकादमी में परेड और श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ।
हजारीबाग के इस आयोजन का केंद्र कर्तव्य के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त करना रहा। उपस्थित अधिकारियों और कर्मियों ने झारखंड के तीनों शहीद जवानों के साथ देशभर के उन पुलिसकर्मियों को याद किया, जिन्होंने निर्धारित अवधि में सेवा के दौरान अपने प्राण गंवाए।