पुलिस संस्मरण दिवस पर रांची में झारखंड जगुआर के 24 बलिदानियों को श्रद्धांजलि

रांची में पुलिस संस्मरण दिवस पर झारखंड जगुआर और एटीएस ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर कर्तव्य के दौरान बलिदान हुए जवानों व अधिकारियों को याद किया।

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रांची में पुलिस संस्मरण दिवस पर बलिदानी जवानों को श्रद्धांजलि देते अधिकारी और पुलिसकर्मी

रांची में पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर झारखंड जगुआर और आतंकवाद निरोधी दस्ता ने कर्तव्य के दौरान बलिदान हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। झारखंड जगुआर के कार्यक्रम में बल के स्थापना काल से अब तक माओवाद विरोधी अभियान और विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हुए बलिदान हुए 24 जवानों और अधिकारियों को याद किया गया।

श्रद्धांजलि सभा में झारखंड जगुआर के आईजी अनूप बिरथरे, डीआईजी इंद्रजीत महथा तथा बल के अन्य अधिकारी और जवान शामिल हुए। उपस्थित पुलिसकर्मियों ने झारखंड जगुआर के बलिदानियों के साथ देश के अन्य बलिदानी जवानों के योगदान को भी स्मरण किया। समारोह के दौरान बलिदानियों के सम्मान में शोक सलामी दी गई।

आईजी अनूप बिरथरे ने कहा कि झारखंड को माओवाद से मुक्त करने के प्रयासों में झारखंड जगुआर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने बलिदान हुए जवानों और अधिकारियों के योगदान को अविस्मरणीय बताया तथा कहा कि पूरा बल उनके परिवारों के प्रति ऋणी है।

कार्यक्रम में बलिदानी पुलिसकर्मियों के परिजनों के प्रति एकजुटता भी व्यक्त की गई। आईजी ने भरोसा दिलाया कि झारखंड जगुआर ऐसे परिवारों के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहेगा। इस अवसर पर बल के अधिकारियों और जवानों ने सेवा तथा बलिदान की परंपरा को सम्मानपूर्वक याद किया।

इसी क्रम में झारखंड पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने भी पुलिस संस्मरण दिवस पर परेड आयोजित की। एटीएस के एसपी राजकुमार मेहता सहित अधिकारियों और कर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

एटीएस के आयोजन में झारखंड समेत देशभर में पिछले एक वर्ष के दौरान बलिदान हुए 154 जवानों और अधिकारियों का स्मरण किया गया। दोनों कार्यक्रमों में पुलिस सेवा के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले कर्मियों के योगदान और उनके परिवारों के प्रति सम्मान का संदेश प्रमुख रहा।