साहिबगंज में गंगा नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने से साहिबगंज-बरहरवा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। बदलती परिस्थितियों के बीच रेलवे ने संवेदनशील हिस्से में काम तेज कर दिया है। परिचालन से जुड़े निर्णय मौके की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं।
मालदा रेल मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। रेलवे की इंजीनियरिंग टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और रेल लाइन के आसपास उत्पन्न खतरे को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यात्री सुरक्षा को रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
रेलवे ने नदी के बहाव को संवेदनशील हिस्सों से दूर करने के लिए रिवर ट्रेनिंग का काम शुरू किया है। इसके तहत गंगा की धारा की दिशा को नियंत्रित करने का प्रयास हो रहा है, ताकि पानी के दबाव और तेज बहाव से रेल लाइन के नजदीक जोखिम घटाया जा सके।
इस अभियान में प्रतिदिन करीब 400 कर्मचारी लगाए गए हैं। काम के लिए आवश्यक मशीनरी भी मौके पर तैनात की गई है। कर्मचारी और तकनीकी दल लगातार निगरानी करते हुए प्रभावित हिस्से को सुरक्षित बनाने में जुटे हैं।
रेलवे के सामने सीमित कार्यस्थल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। नदी के जलस्तर और प्रवाह में बदलाव के कारण मौके की परिस्थितियां भी स्थिर नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक काम तकनीकी रूप से संभव है, लेकिन उपलब्ध जगह और बदलते बहाव के कारण इसे पूरा करने में समय लग सकता है।
फिलहाल रेलवे की टीमें काम के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। साहिबगंज-बरहरवा रेलखंड पर परिचालन सामान्य होने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही परिस्थितियों के अनुसार आगे के परिचालन संबंधी फैसले किए जाएंगे।