लातेहार जिले के बेतला नेशनल पार्क में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए नया रोड मैप लागू किया गया है। इसके तहत पलामू किला जाने के लिए अब पार्क का ओपन सफारी वाहन लेना अनिवार्य होगा। निजी वाहनों से किला जाने की अनुमति नहीं होगी और सफारी वाहन के लिए पर्यटकों को 1,950 रुपये चुकाने पड़ेंगे।
पार्क के रेंजर उमेश कुमार दुबे की ओर से गाइड और सफारी वाहन चालकों के लिए जारी व्यवस्था में पलामू किला को सर्किट-2 के रूप में शामिल किया गया है। इससे पहले बेतला जंगल की सफारी के लिए एक ही सर्किट था। नए सर्किट में किले के साथ आसपास के अन्य पड़ावों को भी जोड़ा गया है।
तय यात्रा क्रम के अनुसार पार्क परिसर में प्रवेश करने के बाद पर्यटकों को एक गाइड और सफारी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। यह वाहन पलामू किला रोड से पर्यटकों को पहले किले तक ले जाएगा। किला देखने के बाद यात्रा कमलदह झील की ओर बढ़ेगी और वहां से बक्सा मोड़ होते हुए मड हाउस पहुंचेगी।
मड हाउस में पर्यटकों के जलपान और कुछ देर विश्राम की व्यवस्था रहेगी। इसके बाद वही वाहन उन्हें वापस बेतला पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचाएगा। किला रोड में प्रवेश और वापसी के मार्ग पर स्थानीय व्यंजनों तथा जलपान की सुविधा भी प्रस्तावित है, जिसके लिए अलग शुल्क देना होगा।
पार्क प्रशासन का कहना है कि गाइड के साथ निर्धारित वाहन में यात्रा कराने से वन्यजीवों की सुरक्षा बेहतर होगी। साथ ही पर्यटकों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। अब तक लोग अपने निजी वाहनों से पलामू किला जाते थे और इसके लिए कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाता था।
नई व्यवस्था और 1,950 रुपये के वाहन शुल्क को लेकर कुछ लोगों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पलामू किला राज्य की ऐतिहासिक धरोहर है और वहां पहुंचने का खर्च बढ़ने से यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। फिलहाल पार्क भ्रमण की योजना बनाने वाले पर्यटकों को नए सर्किट और अनिवार्य सफारी वाहन की व्यवस्था को ध्यान में रखना होगा।