गढ़वा के चंदनी गांव में राम-रावण युद्ध का मंचन, पारंपरिक जुलूस के बाद पुतला दहन

खरौंधी प्रखंड के चंदनी गांव में दशहरा पर राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की झांकी निकाली गई। हनुमान मंदिर परिसर में युद्ध के मंचन के बाद रावण का पुतला जलाया गया।

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गढ़वा के चंदनी गांव में दशहरा पर आयोजित राम-रावण युद्ध मंचन और रावण दहन कार्यक्रम

गढ़वा जिले के खरौंधी प्रखंड स्थित चंदनी गांव में दशहरा के अवसर पर पारंपरिक रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। नवयुवक संघ की ओर से हुए आयोजन में चंदनी के साथ आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। राम-सीता की झांकी, कलाकारों का युद्ध मंचन और पुतला दहन कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत देवी मंदिर चंदनी से निकाले गए जुलूस से हुई। इसमें कलाकार राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूप में शामिल हुए। वानरी सेना के रूप में सजे कलाकार भी जुलूस के साथ चले। रथ पर प्रस्तुत राम, सीता और लक्ष्मण की झांकी को देखने के लिए मार्ग पर ग्रामीण जुटे रहे।

देवी मंदिर से निकला जुलूस करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करते हुए हनुमान मंदिर पहुंचा। इसी मंदिर के परिसर में रावण का पुतला स्थापित किया गया था। आयोजन में चंदनी के अतिरिक्त आसपास के गांवों से आए लोगों की भागीदारी भी रही। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम देखने के लिए हजारों लोग एकत्र हुए।

हनुमान मंदिर परिसर में राम और रावण की भूमिका निभा रहे कलाकारों ने तीर-धनुष के साथ युद्ध का मंचन किया। इस प्रस्तुति के बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतला जलते ही परिसर में जय श्रीराम के नारे गूंजे और उपस्थित लोगों ने दशहरा का उत्सव मनाया।

चंदनी गांव में रावण दहन का यह आयोजन नया नहीं है। गांव में पिछले लगभग 20 से 25 वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है। हर वर्ष होने वाला कार्यक्रम धार्मिक झांकी और नाटकीय प्रस्तुति के माध्यम से स्थानीय लोगों को एक जगह जुटने का अवसर देता है।

इस बार भी ग्रामीणों में आयोजन को लेकर उत्साह दिखाई दिया। राम और रावण के युद्ध की प्रस्तुति तथा उसके बाद पुतला दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। पारंपरिक स्वरूप में आयोजित कार्यक्रम में जुलूस से लेकर अंतिम पुतला दहन तक बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।