गढ़वा के नामधारी कॉलेज में तीन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नए सत्र का नामांकन रुका

नामधारी महाविद्यालय में बीएससी कंप्यूटर एप्लीकेशन, बीएससी सूचना प्रौद्योगिकी और बीबीए में सत्र 2026-29 के लिए नामांकन नहीं होने से विद्यार्थी असमंजस में हैं।

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गढ़वा के नामधारी महाविद्यालय में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के नामांकन से जुड़ी खबर

गढ़वा के नामधारी महाविद्यालय में तीन व्यावसायिक स्नातक पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2026-29 के लिए नामांकन नहीं होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। इनमें बीएससी कंप्यूटर एप्लीकेशन, बीएससी सूचना प्रौद्योगिकी और बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन शामिल हैं।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, बीएससी सूचना प्रौद्योगिकी को चांसलर पोर्टल से हटा दिया गया है। पाठ्यक्रम का विकल्प पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होने के कारण इच्छुक विद्यार्थी आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं। अन्य दोनों पाठ्यक्रमों में भी नए सत्र का नामांकन नहीं हुआ है।

नामधारी महाविद्यालय में व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत 2008 में हुई थी। उस समय कॉलेज रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत था और बीएससी कंप्यूटर एप्लीकेशन तथा बीएससी सूचना प्रौद्योगिकी की पढ़ाई शुरू की गई थी। वर्ष 2009 में नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय बनने के बाद बीबीए को भी पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया।

इन पाठ्यक्रमों के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रहने से गढ़वा के विभिन्न प्रखंडों के विद्यार्थियों को अपने जिले में ही तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा लेने का अवसर मिलता रहा है। अब नामांकन रुकने से विशेष रूप से ग्रामीण, आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के सामने आगे की पढ़ाई को लेकर असमंजस पैदा हुआ है।

यदि विद्यार्थियों को इन विषयों की पढ़ाई के लिए मेदिनीनगर या किसी अन्य शहर जाना पड़ा, तो किराया, भोजन और आवागमन का खर्च बढ़ सकता है। अभिभावकों का कहना है कि स्थानीय कॉलेज में पढ़ाई उपलब्ध होने से बच्चों को घर से ही उच्च शिक्षा दिलाना संभव था।

महाविद्यालय को अध्ययन केंद्र बनाए रखने और नामांकन मेदिनीनगर स्थित व्यावसायिक अध्ययन संस्थान में लेकर कक्षाएं गढ़वा में चलाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इस व्यवस्था से जुड़े लिखित आदेश और उसके व्यावहारिक स्वरूप की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। शिक्षक विश्वविद्यालय से स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को नामांकन और पढ़ाई के विकल्पों की निश्चित सूचना मिल सके।