गढ़वा जिले के बरडीहा प्रखंड स्थित बरछा बांध में 20 एकड़ जमीन को लेकर चौधरी परिवार के बीच 12 वर्षों से चल रहा विवाद ग्रामसभा में सुलझा लिया गया। ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई बैठक में संबंधित पक्षों ने पहले बनी सहमति को अंतिम रूप दिया। लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रही जमीन का मामला शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त होने पर ग्रामीणों ने राहत जताई।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जमीन के उपयोग और हिस्सेदारी को लेकर परिवार के बीच लंबे समय से मतभेद था। विवाद के कारण 20 एकड़ जमीन का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। समाधान की प्रक्रिया एक बैठक तक सीमित नहीं रही, बल्कि पक्षों के साथ दो चरणों में बातचीत की गई।
पहली बैठक में विवाद से जुड़े पक्षों के बीच प्रारंभिक सहमति बनाई गई। इसके बाद अमीन से पूरी जमीन की मापी कराई गई और अलग-अलग पक्षों की जमीन चिह्नित की गई। बुधवार को बरछा बांध में आयोजित दूसरी बैठक में मापी और पूर्व सहमति को आधार बनाते हुए मामले का अंतिम समाधान किया गया।
इस पहल में बरडीहा के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार सिंह की भूमिका रही। बैठक स्थल तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। उन्होंने ग्रामसभा और स्थानीय स्तर पर सामूहिक बातचीत के माध्यम से छोटे विवादों के समाधान की उपयोगिता पर जोर दिया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी के अनुसार, छोटे मामलों में लोगों को अंचल कार्यालय, थाना, एसडीओ कोर्ट और सिविल कोर्ट तक जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते हैं। गांव में आपसी संवाद और सामूहिक पहल से समाधान निकलने पर संबंधित पक्ष लंबी कानूनी प्रक्रिया से बच सकते हैं।
विवाद के कारण 20 एकड़ उपजाऊ जमीन करीब 12 वर्षों तक परती रहने की बात भी सामने आई। प्रशासनिक पहल, जमीन की मापी और ग्रामसभा में बनी सहमति के बाद अब जमीन से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हुई है। बैठक में हुए समझौते को स्थानीय स्तर पर विवाद निपटारे के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।