गुमला में महिला किसान दिवस पर जुटीं 500 किसान, आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की मिली जानकारी

गुमला नगर भवन में आयोजित महिला किसान दिवस कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों से करीब 500 महिला किसानों ने भाग लिया। प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने के साथ आधुनिक और जलवायु अनुकूल खेती की जानकारी दी गई।

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गुमला नगर भवन में महिला किसान दिवस कार्यक्रम में उपस्थित किसान और अधिकारी

गुमला नगर भवन में महिला किसान दिवस पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों से करीब 500 महिला किसानों ने भाग लिया। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के तहत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), गुमला ने कार्यक्रम आयोजित किया। इसका केंद्र महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और विभागीय योजनाओं से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम में हर प्रखंड से दो प्रगतिशील महिला किसानों को कृषि क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त दिलेश्वर महतो उपस्थित रहे। जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, दिशा सदस्य अनिरुद्ध चौबे, कृषि विभाग के अधिकारी और कृषि विज्ञान केंद्र, बिशुनपुर के वैज्ञानिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

उपायुक्त ने कृषि अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने महिला किसानों को जैविक खेती अपनाने और समूह बनाकर काम करने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार सामूहिक खेती और उपज के साझा विपणन से महिलाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

जिला कृषि पदाधिकारी शुभम प्रिया टियू ने बिरसा हरित ग्राम योजना, मिलेट मिशन और किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। महिला किसानों को इन योजनाओं से जुड़कर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने और कृषि गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने जलवायु के अनुकूल खेती, मोटे अनाज के उत्पादन और फसलों में कीट प्रबंधन की तकनीकों पर जानकारी साझा की। कार्यक्रम में उन्नत बीज, ड्रिप सिंचाई, मशरूम उत्पादन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को अपनाने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिलाया गया।

जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी ने कहा कि योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण कई महिला किसान उनका लाभ नहीं ले पाती हैं। उन्होंने महिलाओं से कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग के संपर्क में रहने की अपील की। कार्यक्रम में प्रशिक्षण, योजनाओं की जानकारी और सम्मान को जोड़ते हुए महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।