गढ़वा के बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय में कानून के विद्यार्थियों ने सीखे व्यावहारिक पेशेवर कौशल

विधि विभाग के शैक्षणिक सत्र में प्रभावी कानूनी संवाद, मुवक्किल से व्यवहार, अदालत में पेशेवर संचार और डिजिटल न्याय व्यवस्था से जुड़े कौशलों पर चर्चा हुई।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
गढ़वा के बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र में उपस्थित विद्यार्थी और शिक्षक

गढ़वा स्थित बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के विधि विभाग में कानून के विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक पेशेवर कौशल पर विशेष शैक्षणिक सत्र आयोजित किया गया। इसमें एलएलबी, बीए एलएलबी, एलएलबी ऑनर्स और बीबीए एलएलबी के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का केंद्र कानूनी पढ़ाई को पेशेवर जीवन की आवश्यकताओं से जोड़ना था।

सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक चले सत्र में स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से कानूनी संवाद, मुवक्किल से व्यवहार और पेशेवर दक्षता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। एकेडमिक एंड रिसर्च के प्रोफेसर डॉ. दिनेश कुमार गौतम ने सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने क्लाइंट रिलेशन, कोर्ट कम्युनिकेशन, व्यवहार संबंधी कानूनी कौशल और नेतृत्व जैसे विषयों को समझाया।

सत्र में बताया गया कि विधि पेशे में धाराओं की जानकारी के साथ संवाद की स्पष्टता भी महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को मुवक्किल की बात ध्यान से सुनने, उसके उद्देश्य और उपलब्ध तथ्यों को समझने तथा कानूनी प्रक्रिया और विकल्पों को सरल भाषा में बताने के व्यावहारिक पक्षों से अवगत कराया गया। पेशेवर सीमाओं और सूचनाओं की गोपनीयता के पालन पर भी जोर दिया गया।

अदालती संवाद के अंतर्गत न्यायाधीश के समक्ष पेशेवर व्यवहार, कानूनी पक्ष रखने की शैली तथा वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं के बीच समन्वय के तरीकों पर चर्चा हुई। सत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि प्रभावी संवाद से वकालत, बातचीत, कानूनी दस्तावेज तैयार करने, परामर्श देने और नेतृत्व की क्षमता को मजबूती मिल सकती है।

डिजिटल दौर में बदल रही न्यायिक कार्यप्रणाली को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया। विद्यार्थियों को डिजिटल अदालत, ई-फाइलिंग, वीडियो माध्यम से सुनवाई और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से जुड़े कौशलों की आवश्यकता बताई गई। मुवक्किल से संबंधित डिजिटल सूचनाओं को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी पर भी ध्यान दिलाया गया।

कार्यक्रम में डॉ. आरएन सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर किरण वर्मा, कुमारी गरिमा रानी, सुनील कुमार सिंह और डॉ. रवि प्रकाश ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने भी सत्र की गतिविधियों में हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य कानूनी ज्ञान के साथ उनमें प्रभावी संचार, पेशेवर व्यवहार और कार्यक्षेत्र के लिए जरूरी व्यावहारिक दक्षता विकसित करना था।