पलामू जिले के सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के संचालन के लिए धन की कमी बनी हुई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुकिंग कॉस्ट मद में जिले को करीब 20 करोड़ रुपये मिलने के बावजूद 13 दिन बाद भी प्रखंडों और विद्यालयों को इसका आवंटन नहीं हो सका है। राशि स्कूल प्रबंधन समितियों के खातों में भेजी जानी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह आवंटन प्रथम और द्वितीय त्रैमास के कुकिंग कॉस्ट के लिए मिला है। जिले के 21 प्रखंडों के सरकारी विद्यालयों की स्कूल प्रबंधन समितियों के खातों में रकम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। पहले एक सप्ताह के भीतर राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी स्कूलों का इंतजार जारी है।
राशि नहीं मिलने से कई विद्यालयों में बच्चों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित हुई है। कुछ प्रधानाध्यापक स्थानीय दुकानदारों से उधार सामग्री लेकर मध्याह्न भोजन जारी रखे हुए हैं। वहीं, लंबे समय तक उधार देने से दुकानदारों के इनकार की स्थिति में कुछ स्कूलों में भोजन बंद होने की आशंका भी बताई गई है।
विद्यालय प्रबंधन के सामने खाद्यान्न के अलावा भोजन पकाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री जुटाने की चुनौती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई शिक्षक और प्रधानाध्यापक अपने स्तर से व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। स्कूलों और अभिभावकों को उम्मीद थी कि जिले को राशि मिलने के बाद समस्या जल्द समाप्त हो जाएगी, लेकिन खातों में पैसा नहीं पहुंचने से स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
जिला शिक्षा अधीक्षक सुभाष अनुराग एक्का ने बताया कि अप्रैल से अगस्त तक की कुकिंग कॉस्ट के लिए करीब 20 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। उनके अनुसार, तकनीकी कारणों से राशि हस्तांतरण में परेशानी आई है। समस्या का समाधान कर सभी प्रखंडों के विद्यालयों की प्रबंधन समितियों के खातों में जल्द रकम भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विद्यालय प्रबंधन ने राशि शीघ्र जारी करने की जरूरत बताई है, ताकि बच्चों को नियमित भोजन मिलता रहे और शिक्षकों या प्रधानाध्यापकों को निजी स्तर पर सामग्री का प्रबंध न करना पड़े। समितियों के खातों में आवंटन पहुंचने के बाद ही मौजूदा वित्तीय दबाव कम होने और मध्याह्न भोजन व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।