गढ़वा में आठ माह से अटकी होमगार्ड भर्ती, अभ्यर्थियों ने जनसुनवाई में उठाया मामला

गढ़वा में होमगार्ड भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के करीब आठ माह बाद भी अगला चरण शुरू नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों ने उपायुक्त की जनसुनवाई में प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाने की मांग रखी।

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गढ़वा में उपायुक्त की जनसुनवाई के दौरान अपनी मांग रखने पहुंचे अभ्यर्थी

गढ़वा जिले में होमगार्ड भर्ती की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से परेशान अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को उपायुक्त की जनसुनवाई में अपनी मांग रखी। उनका कहना है कि आवेदन लिए जाने के करीब आठ माह बाद भी भर्ती का अगला चरण शुरू नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों ने उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा से प्रक्रिया शीघ्र आरंभ कराने के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।

अभ्यर्थियों के अनुसार विज्ञापन संख्या 01/2025 के अंतर्गत 26 दिसंबर 2025 से 24 जनवरी 2026 तक आवेदन स्वीकार किए गए थे। आवेदन की अवधि समाप्त होने के बाद लंबा समय गुजरने के बावजूद आगे की प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिलने से उनमें निराशा है। जनसुनवाई में उपायुक्त ने प्राप्त शिकायतों पर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

इसी जनसुनवाई में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों के अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मानदेय का विषय भी उठाया। उन्होंने राज्य परियोजना निदेशक के पत्र में निर्धारित दर के अनुसार भुगतान की मांग की। शिक्षकों के मुताबिक कक्षा नौ से बारह तक पढ़ाने के लिए प्रति घंटी 180 रुपये और अधिकतम चार घंटियों के आधार पर 720 रुपये प्रति कार्य दिवस का प्रावधान बताया गया है।

शिक्षकों ने कहा कि उनसे कक्षा छह से बारह तक चार घंटियों से अधिक अध्यापन कराया जा रहा है, जबकि भुगतान 360 रुपये प्रतिदिन की दर से मिल रहा है। उन्होंने कार्य और निर्धारित प्रावधान के अनुरूप मानदेय देने का अनुरोध किया। इस शिकायत को भी संबंधित विभागीय कार्रवाई के लिए रखा गया।

सदर प्रखंड के महुलिया निवासी इंद्रजीत कुमार ने बरसात में मिट्टी का घर गिरने के बाद आवास की समस्या बताई। उन्होंने मामले की जांच कर बाबा साहब भीमराव आंबेडकर आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। वहीं सगमा प्रखंड के कटहरकला के ग्रामीणों ने ग्राम शरदा स्थित तेनवाही तालाब के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि इससे करीब 22 से 25 एकड़ भूमि को सिंचाई की सुविधा मिल सकती है।

समाहरणालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अतिक्रमण, आवास, मुआवजा, रोजगार और बकाया मजदूरी भुगतान से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। उपायुक्त ने कार्यालय प्रधानों से आम लोगों की समस्याओं पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करने को कहा तथा संबंधित अधिकारियों को मामलों के निष्पादन का निर्देश दिया।