चतरा के डीसी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में शुक्रवार को जिला उद्योग केंद्र की ओर से तेजस कार्यशाला आयोजित की गई। उपायुक्त रवि आनंद ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यशाला का केंद्र युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, नए विचारों को व्यवसाय का रूप देने में मार्गदर्शन देना और जिले के स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार की संभावनाएं तलाशना रहा।
उपायुक्त ने चतरा के प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक हुनर, स्थानीय वनोपज और युवाओं की प्रतिभा को उद्यम विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इन क्षमताओं को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की आवश्यकता है। ऐसा होने पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों पर आधारित नए उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं।
कार्यशाला में युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहने और अपने कौशल के आधार पर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि छोटा विचार भी आगे चलकर बड़े उद्यम का आधार बन सकता है। युवाओं से अपने लिए आजीविका तैयार करने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर बनाने की दिशा में काम करने को कहा गया।
जिला उद्योग केंद्र, हजारीबाग के चतरा कैंप कार्यालय के महाप्रबंधक शंभू शरण बैठा ने प्रतिभागियों को झारखंड सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी-2023 से अवगत कराया। उन्होंने नीति के तहत स्टार्टअप के लिए उपलब्ध प्रोत्साहन, सुविधाओं और संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की। कार्यशाला में उद्यम शुरू करने के लिए जरूरी सूचनाओं और संस्थागत मार्गदर्शन की भूमिका पर भी जोर दिया गया।
यह आयोजन केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग और झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में स्टार्टअप इंडिया के तहत किया गया। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, शंभू शरण बैठा तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कार्यक्रम में सामूहिक गायन भी किया गया।