गढ़वा में धान रोपनी 87.98 प्रतिशत तक पहुंची, 6,780 हेक्टेयर में काम बाकी

जुलाई के अंत में लक्ष्य की केवल 4.27 प्रतिशत धान रोपनी हुई थी। अगस्त की बारिश के बाद दो सितंबर तक गढ़वा में यह आंकड़ा 87.98 प्रतिशत पर पहुंच गया।

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गढ़वा जिले में बारिश के बाद खेत में की गई धान की रोपनी

गढ़वा जिले में अगस्त के दौरान मानसून सक्रिय होने के बाद धान की रोपनी में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कृषि कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, दो सितंबर तक जिले में 49,620 हेक्टेयर भूमि पर रोपनी पूरी हो चुकी है। यह निर्धारित लक्ष्य का 87.98 प्रतिशत है। अब लक्ष्य के मुकाबले 6,780 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपनी बाकी है।

जिले के लिए इस बार 56,400 हेक्टेयर में धान लगाने का लक्ष्य तय किया गया था। जुलाई के अंत तक केवल 2,410 हेक्टेयर भूमि में रोपनी हो सकी थी। उस समय उपलब्धि लक्ष्य की 4.27 प्रतिशत थी और बड़ी संख्या में किसान पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे थे।

शुरुआती मानसूनी अवधि में बारिश की कमी के कारण खेतों में जरूरी पानी उपलब्ध नहीं हो सका। जून और जुलाई में कम बारिश का असर रोपनी की गति पर पड़ा। सिंचाई सुविधा वाले क्षेत्रों में भी धान लगाने का काम सीमित स्तर पर ही आगे बढ़ पाया था।

अगस्त में लगातार अच्छी बारिश होने से खेतों में पानी और नमी की उपलब्धता बढ़ी। इसके बाद रोपनी के काम ने तेजी पकड़ी और महीने के अंत तक 48,990 हेक्टेयर क्षेत्र में धान लगाया जा चुका था। यह कुल लक्ष्य का 86.83 प्रतिशत था।

सितंबर के शुरुआती दो दिनों में भी किसानों ने काम जारी रखा। इस अवधि में रोपनी का क्षेत्र बढ़कर 49,620 हेक्टेयर हो गया। जुलाई के अंत और दो सितंबर के आंकड़ों का अंतर जिले में एक महीने से कुछ अधिक समय के भीतर हुई तेज प्रगति को दिखाता है।

कृषि कार्यालय के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब लक्ष्य का करीब 12 प्रतिशत हिस्सा शेष है। आगे रोपनी कितनी बढ़ेगी, यह आने वाले दिनों की मौसमी परिस्थितियों और खेतों में पानी की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। फिलहाल अगस्त की बारिश ने शुरुआती पिछड़ापन काफी हद तक कम कर दिया है।