गढ़वा में लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश के बाद मौसम में सुधार से लोगों और किसानों को राहत मिली है। रविवार को पूर्वानुमान के विपरीत बारिश नहीं हुई और दिनभर हल्की धूप रही। मौसम खुलने के बाद किसान दोबारा खेती से जुड़े काम में जुट गए हैं।
लगातार बारिश के दौरान खेतों और खलिहानों में काटकर रखी गई धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई थी। खेतों में पानी जमा होने और कटी फसल भीगने से धान के दाने खराब होने का खतरा बताया गया है। अब बारिश रुकने से फसल को सुरक्षित करने का अवसर मिला है।
खराब मौसम का असर सामान्य आवाजाही पर भी पड़ा था। मौसम बेहतर होने के बाद पिछले तीन दिनों से प्रभावित सड़कों की गतिविधियां सामान्य हो गईं। जिला मुख्यालय में वाहनों का आवागमन भी सामान्य रहा।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार तक आसमान में बादल बने रहने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। तीन नवंबर से मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की उम्मीद जताई गई है।
वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने लगातार बारिश और वातावरण में बनी नमी को देखते हुए किसानों को कटी धान की फसल सूखे तथा सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है। खेतों में जमा अतिरिक्त पानी निकालने और खड़ी फसल की नियमित निगरानी करने को भी कहा गया है। अधिक नमी में धान पर शीथ ब्लाइट, ब्लास्ट और अन्य फफूंदजनित रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है।
किसानों को रबी फसलों के लिए खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। मिट्टी में अनुकूल नमी होने पर जुताई करके चना, मसूर, मटर और सरसों की बुवाई की तैयारी की जा सकती है। इसके साथ प्रमाणित बीज, अनुशंसित बीजोपचार और संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने तथा मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने को कहा गया है।