गढ़वा में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा ने वन स्टॉप सेंटर तथा सदर अस्पताल परिसर में संचालित कुपोषण उपचार केंद्र का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने केंद्रों पर उपलब्ध सेवाओं और मौजूदा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
वन स्टॉप सेंटर में अधिकारियों को महिलाओं के लिए उपलब्ध चिकित्सा, पुलिस, कानूनी और मनोसामाजिक सहायता के बारे में बताया गया। केंद्र पर जरूरतमंद महिलाओं के अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जानकारी भी साझा की गई। उप विकास आयुक्त ने केंद्र की फाइलों और रजिस्टरों का अवलोकन कर कामकाज की स्थिति समझी।
निरीक्षण के दौरान वन स्टॉप सेंटर परिसर में पोषण वाटिका विकसित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने केंद्र आने वाली महिलाओं और उनके परिजनों के बैठने की सुविधा पर भी ध्यान दिया तथा परिसर में बेंच लगाने को कहा। इन निर्देशों का उद्देश्य केंद्र में आने वाले लोगों के लिए आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित करना है।
इसके बाद अधिकारियों ने सदर अस्पताल परिसर स्थित कुपोषण उपचार केंद्र का जायजा लिया। उन्होंने वहां उपचाररत बच्चों की माताओं से बातचीत कर भोजन, दवा और इलाज से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। केंद्र की दैनिक व्यवस्था देखते हुए स्वच्छता और हाइजीन पर विशेष ध्यान देने तथा बेडशीट नियमित रूप से बदलने का निर्देश दिया गया।
एसएएएमएआर अभियान के फील्ड मैनेजर ने अधिकारियों को बच्चों को कुपोषण उपचार केंद्र भेजने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उपचार पूरा होने के बाद बच्चों के फॉलोअप के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था से भी उन्हें अवगत कराया गया। निरीक्षण में उपचार के साथ लगातार निगरानी की प्रक्रिया पर भी ध्यान केंद्रित रहा।
दोनों केंद्रों की नियमित निगरानी के लिए संबंधित पदाधिकारियों और कर्मचारियों का व्हाट्सऐप समूह बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके माध्यम से केंद्रों की प्रगति और सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी साझा की जाएगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई शीघ्र की जा सके। इस व्यवस्था से विभागीय समन्वय और केंद्रों की निगरानी को अधिक नियमित बनाने का प्रयास किया जाएगा।