गढ़वा जिले में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जिला व्यवहार न्यायालय परिसर, गढ़वा और अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय परिसर, नगर ऊंटारी को केंद्र बनाया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम होगा।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष मनोज प्रसाद ने बताया कि लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निष्पादन किया जाता है। इस प्रक्रिया से समय और खर्च की बचत होती है। लोक अदालत में हुआ फैसला अंतिम माना जाता है और उसके विरुद्ध अपील नहीं की जा सकती।
इस बार लिटिगेशन और प्री-लिटिगेशन मामलों के अलावा हाईकोर्ट में लंबित सेवा मामलों को भी निष्पादन के लिए शामिल किया जाएगा। श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बैंक ऋण वसूली, उपभोक्ता विवाद और भूमि से संबंधित मामलों पर भी सुनवाई होगी। वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए निर्धारित शर्तों के तहत शपथपत्र देने का प्रावधान बताया गया है।
उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा के अनुसार, विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर अधिक से अधिक लंबित मामलों और सर्टिफिकेट केस की पहचान की जा रही है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने कहा कि पुलिस की ओर से लोगों को लोक अदालत के बारे में जागरूक किया जा रहा है। आयोजन के दिन सशक्तीकरण शिविर और विशेष विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
शिविर में वन, श्रम, चिकित्सा, समाज कल्याण, कल्याण, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग के स्टॉल रहेंगे। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड्स प्रमोशन सोसाइटी तथा यूआईडी के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। यूआईडी स्टॉल पर ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इन केंद्रों पर सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास होगा।
लोक अदालत के प्रचार के लिए “न्याय आपके द्वार” सह चलंत लोक अदालत जागरूकता रथ रवाना किया गया है। यह यात्रा एक महीने तक चलेगी और गढ़वा जिले के सभी 20 प्रखंडों में पहुंचेगी। चलंत लोक अदालत के संचालन के लिए बेंच का गठन भी किया गया है। अभियान का उद्देश्य लोगों को वैकल्पिक विवाद निपटारे और उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी देना है।