गम्हरिया स्टेशन पर रेल जनसंवाद, यात्रियों ने ट्रेन ठहराव और बुनियादी सुविधाओं की मांग उठाई

सरायकेला-खरसावां के गम्हरिया स्टेशन पर आयोजित रेल जनसंवाद में यात्रियों ने ट्रेनों के दोनों दिशाओं में ठहराव, अंडरपास से जलजमाव हटाने और फुट ओवरब्रिज पर लिफ्ट-एस्केलेटर लगाने की मांग रखी।

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गम्हरिया रेलवे स्टेशन पर आयोजित रेल जनसंवाद कार्यक्रम में उपस्थित यात्री और अधिकारी

सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को आयोजित रेल जनसंवाद में यात्रियों ने ट्रेन ठहराव और स्टेशन की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। कार्यक्रम के दौरान रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से सीधे बातचीत कर उनके सुझाव लिए। स्टेशन परिसर में साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया।

यात्रियों ने टाटा-छपरा और टाटा-पटना जैसी बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों का गम्हरिया में ठहराव देने की मांग की। उनका कहना था कि कुछ ट्रेनों का ठहराव एक दिशा में उपलब्ध है, लेकिन वापसी की दिशा में नहीं होने से परेशानी होती है। दक्षिण भारत की ओर चलने वाली कुछ ट्रेनों के दोनों दिशाओं में रुकने का मुद्दा भी अधिकारियों के समक्ष रखा गया।

जनसंवाद में स्टेशन के आसपास बने अंडरपास में जलजमाव की समस्या प्रमुखता से उठी। यात्रियों के अनुसार, पानी जमा रहने से आवागमन प्रभावित होता है। इसके साथ ही निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज पर लिफ्ट और एस्केलेटर उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि बुजुर्गों, दिव्यांग यात्रियों और अन्य लोगों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में सुविधा मिल सके।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि गम्हरिया स्टेशन पर भविष्य में 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना है, जिसमें लिफ्ट की सुविधा भी प्रस्तावित है। स्टेशन भवन का निर्माण अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक बरसात के कारण काम की गति धीमी हुई थी, लेकिन अब निर्माण में तेजी लाई गई है।

अधिकारियों ने कहा कि ट्रेनों के ठहराव से संबंधित मांगों का अध्ययन करने के बाद प्रस्ताव रेलवे के संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा। उनके अनुसार, फिलहाल गम्हरिया स्टेशन पर करीब 15 ट्रेनों का ठहराव है और यात्रियों की जरूरत के आधार पर इसे बढ़ाने की संभावना पर विचार किया जाएगा। जनसंवाद अभियान का उद्देश्य अलग-अलग स्टेशनों पर यात्रियों से जमीनी स्तर की प्रतिक्रिया जुटाना बताया गया।