गांडेय के सुजना बूथ पर फॉर्म-7 को लेकर विवाद, अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासन

गिरिडीह के गांडेय प्रखंड स्थित सुजना बूथ पर करीब 50 मतदाताओं के नाम हटाने से जुड़े फॉर्म-7 को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच और सत्यापन का आश्वासन दिया है।

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गांडेय के सुजना बूथ पर फॉर्म-7 विवाद के बाद जांच का आश्वासन

गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फॉर्म-7 को लेकर विवाद सामने आया है। बुधुडीह पंचायत के सुजना गांव स्थित बूथ संख्या 303 पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के लिए करीब 50 आवेदन भरे गए थे। विवाद बढ़ने के बाद प्रखंड और अंचल प्रशासन के अधिकारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गांव के दो व्यक्ति भरे हुए फॉर्म-7 लेकर बूथ लेवल अधिकारी के पास गए थे। आरोप है कि फॉर्म पर हस्ताक्षर होने के बाद जब वे लौट रहे थे, तब ग्रामीणों को मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों को रोक लिया और काफी देर तक अपने पास बैठाए रखा। रिपोर्ट में दोनों व्यक्तियों को भाजपा समर्थक बताया गया है, हालांकि उन्होंने स्वयं को निर्दोष कहा है।

ग्रामीणों और झामुमो के स्थानीय पंचायत पदाधिकारी का दावा है कि जिन लोगों के नाम हटाने के आवेदन तैयार किए गए, वे वैध मतदाता हैं। उन्होंने संबंधित बीएलओ पर भी उचित जांच-पड़ताल किए बिना फॉर्म पर हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया। ये सभी दावे शिकायत करने वाले पक्ष के हैं और प्रशासनिक जांच के बाद ही उनकी पुष्टि हो सकेगी।

रोके गए दोनों व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें एक भाजपा नेता ने फॉर्म दिए थे और उन्होंने केवल उन्हें जमा करने का काम किया। उनका कहना था कि आवेदनों की जांच करना बीएलओ की जिम्मेदारी है। उपलब्ध विवरण में संबंधित नेता का पक्ष या भाजपा की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

सूचना मिलने पर गांडेय की बीडीओ निसात अंजुम, सीओ ओमप्रकाश बड़ाइक और अहिल्यापुर थाना प्रभारी ऐनुल हक खान दल-बल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति शांत कराई और मामले की जांच तथा आवेदनों के सत्यापन का भरोसा दिया।

बीडीओ और सीओ ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना फॉर्म-7 भरे गए या उन पर हस्ताक्षर किए गए, तो संबंधित बीएलओ और दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपों पर कोई अंतिम प्रशासनिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।