गावां मॉडल विद्यालय में 250 विद्यार्थियों पर केवल चार शिक्षक, 18 सितंबर को बीआरसी घेराव का निर्णय

गिरिडीह के गावां मॉडल विद्यालय में शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर अभिभावकों ने 18 सितंबर को बीआरसी का घेराव करने का निर्णय लिया है।

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गावां मॉडल विद्यालय में शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी

गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड स्थित मॉडल विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। माल्डा में संचालित इस विद्यालय में कक्षा छह से दसवीं तक करीब 250 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि अध्यापन के लिए केवल चार शिक्षक पदस्थापित हैं। स्थिति से नाराज अभिभावकों ने समस्या के समाधान की मांग को लेकर 18 सितंबर को गावां बीआरसी का घेराव करने का निर्णय लिया है।

प्रखंड मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित यह विद्यालय सुदूर क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था। यहां ऑनलाइन आवेदन के आधार पर कक्षा छह से बारहवीं तक नामांकन लिया जाता है और झारखंड एकेडमिक काउंसिल के तहत अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था है।

विद्यालय में कक्षा बारहवीं के तीनों संकायों में भी विद्यार्थियों का नामांकन है, लेकिन इस कक्षा के लिए सिर्फ एक शिक्षक पदस्थापित होने की जानकारी दी गई है। सीमित शिक्षकों के कारण अलग-अलग कक्षाओं और विषयों की पढ़ाई व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में कठिनाई हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि बेहतर शिक्षा की उम्मीद से कराए गए नामांकन का उद्देश्य मौजूदा व्यवस्था में पूरा नहीं हो पा रहा है।

शिक्षकों की कमी के अलावा विद्यालय में पेयजल और पहुंच मार्ग की समस्या भी सामने आई है। विद्यालय तक जाने वाला रास्ता जर्जर बताया गया है। परिसर में रनिंग वाटर की सुविधा नहीं है। वहां दो चापानल लगे हैं, लेकिन विद्यालय प्रबंधन और ग्रामीणों के अनुसार उनका पानी पीने योग्य नहीं है। इससे विद्यार्थियों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।

रविवार को विद्यालय परिसर में प्रबंधन समिति, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें शैक्षणिक व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने दूसरे विद्यालयों से शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कराने की मांग उठाई और पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने को सबसे जरूरी मुद्दा बताया।

बैठक में अभिभावकों ने कहा कि शिक्षकों की कमी को लेकर कुछ महीने पहले विद्यालय में अनिश्चितकालीन धरना भी दिया गया था। उनके मुताबिक, उस समय संबंधित अधिकारियों ने जल्द प्रतिनियुक्ति का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक पर्याप्त शिक्षक नहीं मिले। बैठक के बाद तय किया गया कि मांगों पर कार्रवाई के लिए 18 सितंबर को बीआरसी का घेराव किया जाएगा।