गढ़वा कृषि विज्ञान केंद्र में गुरुवार को महिला किसान दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली पांच प्रगतिशील महिला किसानों को पुष्पगुच्छ और वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। जिले के अलग-अलग गांवों से आईं 72 महिला किसानों ने इसमें भाग लिया और खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का उद्घाटन रंका प्रखंड प्रमुख लीलावती देवी और कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान महेश चंद्र जेराई ने दीप प्रज्वलित कर किया। केंद्र के एसआरएफ नवलेश कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। आयोजन में स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
सम्मान पाने वाली तेनार गांव की कविता देवी ने जलवायु अनुकूल तकनीक के तहत धान की सूखारोधी किस्म की सीधी बुआई की है। वह निकरा योजना के लिए चयनित गांव तेनार से आती हैं। कार्यक्रम में नई कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आमदनी बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
गोंदा गांव की प्रतिमा देवी कृषि कार्य के साथ मधुमक्खी पालन से अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। नारायणपुर की फूलवंती देवी को प्राकृतिक खेती में किए गए काम के लिए सम्मान मिला। डुमरो गांव की नागवंती देवी को फसल उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। उपलब्ध विवरण में पांचवीं सम्मानित किसान का नाम नहीं बताया गया है।
जेएसएलपीएस के तत्वावधान में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें अचार, मुरब्बा, शहद तथा तुअर, चना और अरहर की दाल प्रदर्शित की गई। बीआरपी स्नेहलता पांडेय ने बताया कि ये उत्पाद समाहरणालय परिसर स्थित पलाश मार्ट में खरीदे जा सकते हैं।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह और डॉ. बंधनु उरांव, प्रदान संस्था के प्रभात रंजन तथा केंद्र के सहायक मौजूद रहे। महिला किसानों ने अपने व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से खेती के विविध तरीकों और आय के अतिरिक्त साधनों की जानकारी साझा की।