गुमला के थाना चौक पर रास्ता भटकने के बाद अकेली मिली सात वर्षीय बच्ची को पुलिस ने उसके परिवार से सुरक्षित मिला दिया। बच्ची अपना घर या परिजनों का पता नहीं बता पा रही थी। इसके बावजूद पुलिस ने उससे मिली स्कूल संबंधी जानकारी के आधार पर पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई और परिजनों तक पहुंचने में सफलता पाई।
थाना चौक पर बच्ची को अकेले भटकते देखकर निशा रेणुका लकड़ा ने उसे अपने पास सुरक्षित रखा। इसके बाद उन्होंने बच्ची को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिसकर्मियों ने उससे घर और परिवार के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन वह अपना पता नहीं बता सकी।
पूछताछ के दौरान बच्ची ने अपने स्कूल का नाम बताया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने पता लगाया कि वह लुथरेन स्कूल में कक्षा दो की छात्रा है। पुलिस ने स्कूल के प्रधानाध्यापक को थाने बुलाया और उनसे उपलब्ध जानकारी लेकर बच्ची के परिवार का पता लगाने की कार्रवाई की।
सूचना मिलने के बाद बच्ची के परिजन थाने पहुंचे। उसे सुरक्षित देखकर परिवार के लोगों ने राहत महसूस की। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने बच्ची को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिवार ने पुलिस के साथ निशा रेणुका लकड़ा और स्कूल के प्रधानाध्यापक के प्रति आभार जताया।
बच्ची को परिवार से मिलाने की इस प्रक्रिया में एसआई धीरज कुमार की अहम भूमिका रही। मामले में स्थानीय नागरिक, स्कूल और पुलिस के बीच समन्वय से उपलब्ध सीमित जानकारी का उपयोग किया गया। स्कूल का नाम सामने आने के बाद प्रधानाध्यापक से संपर्क करना परिजनों की पहचान तक पहुंचने का महत्वपूर्ण आधार बना और बच्ची सकुशल घर लौट सकी।