रांची में निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे पात्र नागरिकों की सहायता के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान की घोषणा की है। इसके तहत 10 अक्तूबर को झारखंड के सभी मतदान केंद्रों पर मेगा हेल्प डेस्क लगाए जाएंगे। यहां मतदाता सूची में नाम जोड़ने और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से जुड़ी प्रक्रिया में लोगों को जरूरी जानकारी तथा तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सभी जिलों के जिला सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी और उप निर्वाचन पदाधिकारी शामिल हुए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को एसआईआर से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही ‘नो मैपिंग’ और मतदाता विवरण में सामने आई विसंगतियों से संबंधित मामलों पर भी तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। अधिकारियों से पात्र नागरिकों को प्रक्रिया की जानकारी देने और जरूरत के अनुसार तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मेगा हेल्प डेस्क के बाद 12 से 16 अक्तूबर तक पूरे राज्य में विशेष आउटरीच अभियान चलाया जाएगा। इस अवधि में विभाग का जोर ऐसे लोगों तक पहुंचने पर रहेगा, जिन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या एसआईआर से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने में सहायता की आवश्यकता है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की। उन्होंने दलों से 10 अक्तूबर के मेगा हेल्प डेस्क में अपने बूथ लेवल एजेंट-2 की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उनसे कहा गया कि वे अपने क्षेत्र के मतदाताओं की समस्याओं को बूथ लेवल अधिकारियों और संबंधित निर्वाचन पदाधिकारियों के सामने रखें।
निर्वाचन विभाग की योजना के अनुसार, बूथ स्तर पर सहायता मिलने से पात्र नागरिक अपनी समस्या सीधे संबंधित कर्मियों के समक्ष रख सकेंगे। अभियान में विशेष रूप से नाम जोड़ने से छूटे नागरिकों, लंबित आवेदनों और विवरण संबंधी त्रुटियों के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।