गुमला जिले में चक्रवात अर्नब के संभावित असर को देखते हुए बुधवार को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया। हालांकि पालकोट प्रखंड के कुछ विद्यार्थियों तक इसकी सूचना समय पर नहीं पहुंची। केसीडीह गांव के बच्चे करीब 13 किलोमीटर की दूरी तय कर उच्च विद्यालय करौंदाबेड़ा पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें विद्यालय बंद होने की जानकारी मिली।
स्कूल बंद मिलने के कारण विद्यार्थियों को वापस अपने गांव लौटना पड़ा। खराब मौसम के बीच लंबी दूरी तय करने से उन्हें परेशानी हुई। बच्चों के लौटने का एक वीडियो भी सामने आया है। इस घटना ने मौसम के कारण होने वाली स्कूल बंदी की सूचना विद्यार्थियों और अभिभावकों तक समय से पहुंचाने की जरूरत को सामने रखा है।
जिले में सुबह से आसमान बादलों से घिरा रहा। करीब सात बजे हल्की बारिश हुई और इसके बाद दिनभर आसमान में अंधेरा छाया रहा। बारिश तथा तेज हवा की आशंका को ध्यान में रखकर स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया था।
मौसम में बदलाव का असर केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं रहा। संभावित बारिश और तेज हवा को देखते हुए जिले के किसान भी सतर्क दिखाई दिए। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसानों ने सुबह से खेतों में जरूरी एहतियाती उपाय किए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिकूल मौसम में विद्यालय बंद करने से जुड़ी जानकारी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों तक तत्काल पहुंचनी चाहिए। समय पर सूचना मिलने से दूरदराज के गांवों के बच्चों को खराब मौसम में लंबा सफर नहीं करना पड़ेगा। केसीडीह के विद्यार्थियों की परेशानी ने स्कूल और समुदाय के बीच सूचना व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता रेखांकित की है।