गुमला में स्वर्ण पदक विजेता पार्वती टोपनो के घर पहुंची डालसा टीम, सुविधाओं की ली जानकारी

जूनियर एशिया हॉकी कप की स्वर्ण पदक विजेता पार्वती टोपनो के परिवार ने डालसा टीम को घर में शौचालय और पर्याप्त स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने की जानकारी दी। टीम ने सरकारी योजनाओं से सहायता दिलाने का भरोसा दिया।

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कामडारा में हॉकी खिलाड़ी पार्वती टोपनो के परिवार से जानकारी लेती डालसा गुमला की टीम

गुमला जिले के कामडारा प्रखंड में जूनियर एशिया हॉकी कप की स्वर्ण पदक विजेता पार्वती टोपनो के घर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम पहुंची। कुम्हार टोली स्थित आवास पर टीम ने उनके माता-पिता से मुलाकात की और परिवार की स्थिति के साथ उपलब्ध सरकारी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान परिवार ने घर की बुनियादी जरूरतों से टीम को अवगत कराया।

यह दौरा झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश के बाद किया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अखबार में प्रकाशित खबर के आधार पर स्वर्ण पदक जीतने वाली झारखंड की महिला खिलाड़ियों की समस्याओं पर तत्काल पहल करने को कहा गया था। संबंधित डालसा टीमों को खिलाड़ियों के घर जाकर उनकी जरूरतें समझने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश मिला था।

गुमला की टीम ने पार्वती के माता-पिता सोमा टोपनो और जानो टोपनो से बातचीत की। परिवार ने बताया कि पार्वती टीम के पहुंचने से एक दिन पहले हॉकी प्रशिक्षण के लिए बेंगलुरु रवाना हो चुकी थीं। इसलिए टीम की मुलाकात खिलाड़ी से नहीं हो सकी, लेकिन परिजनों से घरेलू परिस्थितियों और सुविधाओं की जानकारी जुटाई गई।

परिवार के सदस्यों के मुताबिक, उनके आवास में फिलहाल शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की बात भी रखी। ये दोनों जरूरतें डालसा टीम के सामने परिवार की ओर से प्रमुख समस्याओं के रूप में बताई गईं।

टीम ने परिवार को भरोसा दिया कि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा। परिवार जिन सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्र होगा, उनका लाभ दिलाने की दिशा में सहायता करने की बात कही गई। टीम ने पार्वती समेत खिलाड़ियों के भविष्य के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

पार्वती टोपनो की खेल उपलब्धि के बाद सामने आई घरेलू जरूरतों पर विधिक सेवा संस्थाओं की यह पहल बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच से जुड़ी है। आगे की सहायता पात्रता, प्रशासनिक समन्वय और संबंधित विभागों की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। फिलहाल परिवार को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक सहयोग का भरोसा मिला है।