गोड्डा के गढ़ी गांव में निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता पर सवाल, ग्रामीणों ने मांगी तकनीकी जांच

पोड़ैयाहाट के गढ़ी गांव में चार टोलों के ग्रामीणों ने बारिश के बीच प्रदर्शन कर करीब 3.34 करोड़ रुपये के निर्माणाधीन पुल और एप्रोच पथ की तकनीकी जांच कराने की मांग की।

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गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट स्थित गढ़ी गांव में निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता को लेकर चार टोलों के ग्रामीणों ने गुरुवार को भारी बारिश के बीच प्रदर्शन किया। करीब 3.34 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल और इसके एप्रोच पथ की तकनीकी जांच कराने के लिए ग्रामीणों ने उपायुक्त को लिखित आवेदन देने की बात कही है।

प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण शुरू होने के समय से ही काम की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें उठती रही हैं, लेकिन अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दिया। उन्होंने गाइड वॉल और एप्रोच के कुछ हिस्सों में दबाव तथा दरार आने की शिकायत करते हुए निर्माण सामग्री की जांच कराने की मांग रखी।

ग्रामीणों ने निर्माण में नदी की बालू इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मानकों का पालन नहीं होने की स्थिति में भविष्य में पुल की मजबूती और यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। ये सभी दावे ग्रामीणों की ओर से किए गए हैं; उपलब्ध विवरण में विभाग या ठेकेदार का पक्ष सामने नहीं आया है।

कार्यस्थल पर निर्माण योजना से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए। ग्रामीणों का दावा है कि विशेष प्रमंडल विभाग के इस काम के दौरान विभागीय कनीय अभियंता नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते और निगरानी मुख्य रूप से मुंशी के भरोसे है। उन्होंने इसे गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ी चिंता बताया।

ग्रामीणों के समर्थन में भाजपा प्रत्याशी देवेंद्रनाथ सिंह, जिला एसटी मोर्चा अध्यक्ष सुशील टुडू और भाजपा नेता डब्बू भगत भी निर्माण स्थल पहुंचे। देवेंद्रनाथ सिंह ने कहा कि पुल और एप्रोच पथ तैयार होने के बाद आसपास की करीब पांच से छह पंचायतों के लोग इस मार्ग से आवागमन करेंगे।

स्थानीय निवासी सुनील सिंह, सिकंदर सिंह और वारिश सिंह के अनुसार, ग्रामीण पहले भी कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं। अब उनकी मांग है कि जिला प्रशासन पुल और एप्रोच पथ की तकनीकी जांच कराए तथा जांच में गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ कार्रवाई करे।