गोड्डा के महागामा में 51.49 करोड़ रुपये से बनेगा पशु आहार कारखाना

राज्य मंत्रिमंडल ने गोविंदपुर मौजा में आधुनिक पशु आहार कारखाना स्थापित करने के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इसकी शुरुआती क्षमता प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन होगी।

2 मिनट पढ़ें 7 बार पढ़ी गई
महागामा के गोविंदपुर मौजा में प्रस्तावित पशु आहार कारखाने की प्रतीकात्मक तस्वीर

गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड में आधुनिक पशु आहार कारखाना स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने गोविंदपुर मौजा में प्रस्तावित इस परियोजना के लिए 51.49 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। कारखाने के माध्यम से गोड्डा और आसपास के क्षेत्रों में पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने की योजना है।

प्रस्तावित इकाई का निर्माण झारखंड मिल्क फेडरेशन के माध्यम से कराया जाएगा। इसकी शुरुआती उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन निर्धारित की गई है। भविष्य में क्षमता बढ़ाकर प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन करने की योजना भी परियोजना में शामिल है।

कारखाने के लिए महागामा के गोविंदपुर मौजा में 5.22 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना पर 30 करोड़ रुपये खर्च करने का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। निर्माण की आगे की प्रक्रिया स्वीकृत योजना के अनुसार पूरी की जानी है।

अभी क्षेत्र के पशुपालकों को संतुलित पशु आहार बाहर से मंगाना पड़ता है, जिससे इसकी उपलब्धता और कीमतों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय उत्पादन शुरू होने पर परिवहन खर्च घटने और पशुपालकों की उत्पादन लागत नियंत्रित होने की उम्मीद जताई गई है।

परियोजना से दुधारू पशुओं के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। इसके आधार पर पशुओं के पोषण और दुग्ध उत्पादन में सुधार की उम्मीद भी की जा रही है। हालांकि ये अपेक्षित लाभ कारखाने का निर्माण पूरा होने और नियमित उत्पादन शुरू होने के बाद ही व्यावहारिक रूप से सामने आएंगे।

महागामा और गोड्डा के किसान इस तरह के कारखाने की स्थापना की मांग करते रहे हैं। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद परियोजना को स्थानीय पशुपालन और डेयरी गतिविधियों से जुड़ी अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रस्तावित क्षमता के अनुरूप उत्पादन शुरू होने पर इसका लाभ गोड्डा के साथ आसपास के जिलों के पशुपालकों तक पहुंचने की उम्मीद है।