कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया में त्योहार से पहले रसोई की कई जरूरी वस्तुएं महंगी हो गई हैं। बीते 10 दिनों में चीनी, दाल, चावल, सरसों तेल, काबुली चना और सूखे मेवों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे मिठाई और पकवान बनाने के साथ रोजमर्रा के भोजन का खर्च भी बढ़ गया है।
चीनी का खुदरा भाव 55 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। दालों में अरहर की कीमत 135 से 140 रुपये और चना दाल की कीमत 90 से 105 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है। मूंग दाल भी अब 110 रुपये के बजाय 120 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
काबुली चने के भाव में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसकी कीमत 100 रुपये से बढ़कर 120 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। चावल की दो किस्मों के दाम भी चढ़े हैं। हाफ स्टीम चावल 50 से बढ़कर 65 रुपये और कतरनी चावल 45 से बढ़कर 55 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है।
सरसों तेल की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। सलोनी तेल का भाव 180 रुपये से बढ़कर 195 रुपये प्रति लीटर और इंजन तेल का भाव 215 रुपये से बढ़कर 225 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। तेल, चावल और दाल एक साथ महंगे होने से परिवारों के नियमित भोजन पर होने वाला कुल खर्च बढ़ रहा है।
सूखे मेवों की खरीद भी पहले से महंगी पड़ रही है। काजू की कीमत 850 रुपये से बढ़कर 950 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, जबकि कागजी बादाम का भाव 950 रुपये से बढ़कर 1,050 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया है। त्योहार के दौरान इन वस्तुओं की जरूरत बढ़ने से खरीदारों को उपलब्ध बजट के अनुसार मात्रा तय करनी पड़ रही है।
कीमतों में यह बदलाव खासकर सीमित आय वाले परिवारों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। नियमित राशन के साथ मिठाई, पकवान और मेहमानों की आवभगत का अतिरिक्त खर्च जुड़ने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा है। कई आवश्यक वस्तुओं के भाव एक ही अवधि में बढ़ने के कारण परिवारों के लिए जरूरत और खर्च के बीच संतुलन बनाना कठिन हो रहा है।