गोड्डा महिला कॉलेज में शैक्षणिक तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम

मनोविज्ञान विभाग के कार्यक्रम में छात्राओं को परीक्षा के तनाव से निपटने, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के महत्व की जानकारी दी गई।

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गोड्डा के स्थानीय महिला महाविद्यालय में मंगलवार को छात्र कल्याण, शैक्षणिक तनाव प्रबंधन और युवा परामर्श पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मनोविज्ञान विभाग की ओर से हुए इस आयोजन में छात्राओं को पढ़ाई से जुड़े दबाव को समझने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को शैक्षणिक तनाव के प्रभावों से परिचित कराना तथा तनाव का सामना करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने को प्रेरित करना था। आयोजन में परीक्षा संबंधी तनाव, आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों को छात्र जीवन के संदर्भ में रखा गया।

महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्या डॉ. सुमनलता की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। इसकी शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के बाद राष्ट्रगीत और विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति से की गई। डॉ. ब्रजेश मिश्रा ने विषय का परिचय देते हुए शैक्षणिक तनाव प्रबंधन और युवा परामर्श की प्रासंगिकता पर जानकारी साझा की।

मनोविज्ञान विभाग की डॉ. संजू सिंह ने छात्राओं से परीक्षा के दबाव, आत्मविश्वास और जीवन में सकारात्मक सोच के महत्व पर बात की। उन्होंने समस्याओं को मन में रखने के बजाय साझा करने, उपलब्ध समय का उचित प्रबंधन करने और आवश्यकता महसूस होने पर सहायता लेने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया।

आयोजन में मुख्य अतिथि डॉ. फिरोज अख्तर के साथ महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक उपस्थित रहे। इनमें डॉ. सीमा परवीन, डॉ. साबरा तबस्सुम, डॉ. नूतन झा, प्रो. पूनम झा, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. कौशल चौधरी, प्रो. सुहागिनी मरांडी, प्रो. श्वेता दुबे और प्रो. राजीव रंजन भारती शामिल थे।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को अपनी बात रखने का अवसर भी मिला। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई के दबाव से जुड़े अपने विचार साझा किए तथा बैलून गेम में भाग लिया। आयोजन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।