गोड्डा स्थित राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान बीएचएमएस पाठ्यक्रम की 63 सीटों पर नामांकन हो सकेगा। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने स्नातक पाठ्यक्रम के लिए कॉलेज को अनुमति प्रदान कर दी है। इससे होम्योपैथिक चिकित्सा की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए राज्य में उपलब्ध प्रवेश अवसर बने रहेंगे।
आयोग की ओर से 28 अगस्त 2026 को जारी आदेश में 63 सीटों की प्रवेश क्षमता का उल्लेख किया गया है। इससे पहले कॉलेज में मिली कई कमियों के कारण चालू सत्र में नामांकन पर रोक लगा दी गई थी। नई अनुमति उस रोक के बाद आई है और कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आयोग के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने कॉलेज में शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत संरचना और अन्य निर्धारित मानकों की समीक्षा की। राज्य सरकार ने निरीक्षण के दौरान चिह्नित कमियों को दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का विवरण भी आयोग के समक्ष रखा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अनुमति को विद्यार्थियों के लिए राहत बताया। उनके अनुसार, कॉलेज से जुड़े विषय पर राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के अधिकारियों से कई बार चर्चा की गई। राज्य सरकार ने संस्थान की कमियों को दूर करने तथा शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत करने का आश्वासन दिया है।
कॉलेज में शिक्षण कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए 53 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी भी आयोग को दी गई है। विभिन्न विषयों में शिक्षकों के योगदान से संबंधित विवरण प्रस्तुत किया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराना और विद्यार्थियों की पढ़ाई को व्यवस्थित बनाए रखना है।
सरकार का कहना है कि आगे शिक्षकों की नियुक्ति, आधारभूत संरचना के विकास और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार पर काम किया जाएगा। अनुमति मिलने से फिलहाल 63 सीटों पर प्रवेश का रास्ता साफ हुआ है, जबकि कॉलेज में बताई गई कमियों को निर्धारित मानकों के अनुसार दूर करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।