जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में हुई डकैती की जांच के दौरान चतरा से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चतरा पुलिस ने जिले के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई के बाद चारों को जमशेदपुर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब उनकी संभावित भूमिका और अन्य आरोपियों से संपर्क की जानकारी जुटा रही है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हिरासत में लिए गए लोगों में से दो मुख्य आरोपी के लगातार संपर्क में थे। चतरा पुलिस को पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की भी बात कही गई है। हालांकि, जमशेदपुर पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए संदिग्धों की भूमिका या अपराध में संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले की जांच के लिए 20 अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम गठित की गई है। सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। जांच दल कथित गिरोह, मुख्य आरोपी से संदिग्धों के संपर्क और लूटे गए सोने तथा नकदी के संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है।
सिटी एसपी ललित मीना और ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल सोमवार को गोलमुरी स्थित बैंक पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटना के समय मौजूद बैंककर्मियों से पूछताछ की और बैंक परिसर का निरीक्षण किया। घटना के पांच दिन बाद बैंक में कामकाज भी दोबारा शुरू कर दिया गया। निरीक्षण के दौरान बैंक प्रबंधक को कुछ निर्देश दिए जाने की जानकारी है।
यह वारदात 24 सितंबर की सुबह हुई थी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, तेज बारिश के बीच रेनकोट पहनकर आए पांच हथियारबंद अपराधियों ने बैंककर्मियों को बंधक बनाया और लगभग 24 मिनट में वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद वे दो मोटरसाइकिलों से फरार हो गए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, बैंक से करीब 23 किलोग्राम सोना और 42 लाख रुपये नकद लूटा गया था। सोने का अनुमानित मूल्य करीब 33 करोड़ रुपये बताया गया है। चतरा से संदिग्धों की हिरासत जांच में नई कड़ी मानी जा रही है, लेकिन आगे की स्थिति पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और पूछताछ के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगी।