रांची में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के व्यावसायिक और अवैध इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा की ओर से जारी निर्देशों में सभी जिला उपायुक्तों से अपने क्षेत्रों में निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नई व्यवस्था में जिला प्रशासन, संबंधित विभागीय अधिकारियों और तेल विपणन कंपनियों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया है। तेल कंपनियों को अपने डीलरों के माध्यम से घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर नजर रखने और ऐसे मामलों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के दायरे में होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, कैंटीन और मैरिज हॉल सहित छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान आएंगे। निरीक्षण के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को सिलेंडरों की संख्या, कनेक्शन संबंधी सूचना और उपयोग का विवरण दर्ज करना होगा।
निर्देशों में उपभोक्ताओं के लिए जागरूकता अभियान चलाने का भी प्रावधान है। इसके माध्यम से घरेलू एलपीजी के व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े नियमों और संभावित कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। अभियान में विभागीय अधिकारियों, जिला प्रशासन और एलपीजी कंपनियों को मिलकर काम करने को कहा गया है।
जिला स्तर पर हुई कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाएगी और उसका विवरण विभाग को भेजना होगा। रिपोर्ट में निरीक्षण किए गए प्रतिष्ठानों, अनधिकृत उपयोग के मिले मामलों, नियमानुसार की गई कार्रवाई, जब्त या अभिरक्षित सिलेंडरों तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी शामिल करने का निर्देश है। इसके लिए विभाग ने प्रतिवेदन का प्रारूप भी उपलब्ध कराया है।
विभाग ने कहा है कि घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल रोकने के लिए प्रशासन और तेल कंपनियों की समन्वित कार्रवाई जरूरी है। सभी संबंधित पक्षों को निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा, जबकि जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर अभियान और कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।