पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा संपर्क कार्यालय में एमएमडीआर कानून को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। पावड़ा में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता झामुमो के घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा चरण मुर्मू ने की। बैठक में विधायक सोमेश चंद्र सोरेन भी शामिल हुए।
विधायक सोरेन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एमएमडीआर कानून के माध्यम से राज्य की खनिज संपदा पर नियंत्रण स्थापित करना चाहती है। उन्होंने यह दावा भी किया कि इस व्यवस्था से खनिज संसाधनों से राज्य सरकार को मिलने वाले राजस्व पर असर पड़ेगा। ये बातें विधायक ने बैठक में अपने राजनीतिक पक्ष के रूप में रखीं।
बैठक के दौरान झारखंड की खनिज संपदा और उससे जुड़े राज्य के अधिकारों को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। विधायक ने उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं से इस विषय पर लोगों के बीच जाने तथा संगठित होने को कहा। उन्होंने कानून के विरोध को जन आंदोलन का रूप देने की बात भी कही।
झामुमो की ओर से 19 सितंबर को प्रखंड स्तर पर जन प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी बताई गई। विधायक ने पार्टी नेताओं से अपने-अपने प्रखंडों में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने और कानून के खिलाफ विरोध दर्ज कराने की अपील की। उपलब्ध विवरण में प्रदर्शन के स्थान, समय अथवा विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई है।
बैठक में मुसाबनी प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन, सचिव खुदीराम हांसदा, बुद्धेश्वर हांसदा, बाबूलाल मुर्मू और जगदीश भकत सहित विभिन्न पदाधिकारी एवं सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। महिला कार्यकर्ताओं समेत घाटशिला और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े कई पार्टी सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक में मुख्य रूप से प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर रहा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में एमएमडीआर कानून के उन विशिष्ट प्रावधानों का विवरण नहीं है जिन पर झामुमो नेताओं ने आपत्ति जताई। केंद्र सरकार या किसी अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया भी सामने नहीं रखी गई है।