रांची में कांग्रेस ने जातीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर बुधवार को मार्च निकाला। बापू वाटिका से राजभवन तक आयोजित इस कार्यक्रम के बाद पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
मार्च का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के अध्यक्ष निशांत जायसवाल ने किया। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने जातीय जनगणना के दौरान ओबीसी आबादी की अलग और स्पष्ट गणना कराने की मांग रखी। पार्टी नेताओं ने इस विषय को सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा बताया।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, निशांत जायसवाल, विधायक ममता देवी, प्रदेश ओबीसी विभाग प्रभारी योगेंद्र योगी, पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद, अभिलाष साहू, शशिभूषण राय, राकेश किरण महतो और आदित्य विक्रम जायसवाल सहित अन्य नेता शामिल थे। मार्च में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि महिलाओं, पिछड़े वर्गों और अन्य वंचित समूहों की वास्तविक जनसंख्या तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति के विश्वसनीय आंकड़े नीति निर्माण के लिए जरूरी हैं। उनके अनुसार, अलग ओबीसी कॉलम से शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आवास और आर्थिक अवसरों से संबंधित नीतियां जरूरत के अनुरूप तैयार करने में सहायता मिल सकती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने जातीय जनगणना को समाज की वास्तविक स्थिति समझने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि ओबीसी की जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक स्थिति के स्पष्ट आंकड़ों के बिना संबंधित योजनाओं की प्रभावशीलता का सही आकलन करना कठिन होगा।
कांग्रेस ने इस मांग को प्रदेश स्तर पर सड़क से राजभवन तक पहुंचाते हुए इसे अपने राजनीतिक कार्यक्रम का प्रमुख विषय बनाया। हालांकि ज्ञापन पर आगे की कार्रवाई या किसी निर्णय की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। फिलहाल पार्टी ने ओबीसी की अलग गणना को प्रभावी नीतियां बनाने की बुनियादी जरूरत के रूप में प्रस्तुत किया है।