पलामू में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से गुरुवार सुबह से लगभग सभी इलाकों में बारिश होती रही। जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बीच सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस दौरान तेज हवाएं नहीं चलीं। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन के आदेश पर गुरुवार को सरकारी और निजी स्कूल बंद रहे। सभी अनुमंडल अधिकारियों और अंचल अधिकारियों के साथ विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत को भी अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि बारिश से पैदा होने वाली परिस्थितियों पर नजर रखी जा सके।
पलामू पुलिस ने अलग से अलर्ट जारी करते हुए सभी थाना प्रभारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने लोगों से बच्चों को जलाशयों और पानी भरे स्थानों के पास नहीं ले जाने की अपील की है। जिले के एसपी कपिल चौधरी के अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है और थाना प्रभारियों को कई बिंदुओं पर निर्देश दिए गए हैं।
लगातार बारिश का सबसे अधिक असर खेतों में दिखाई दे रहा है। जिले के कई इलाकों में धान की फसल तैयार है, लेकिन बारिश के कारण कुछ खेतों में फसल पानी में डूब गई है। इससे किसानों को नुकसान की आशंका सताने लगी है। रिपोर्ट में अभी नुकसान का कोई आधिकारिक आकलन या निश्चित आंकड़ा नहीं दिया गया है।
धान के साथ सब्जियों की खेती पर भी बारिश का असर पड़ने की बात सामने आई है। अरहर और आलू की फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई गई है। लगातार पानी बरसने से खेतों में तैयार उपज को सुरक्षित करने और आगे के कृषि कार्य करने में किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
चक्रवात का प्रभाव जिले में बुधवार शाम से नजर आने लगा था और गुरुवार को बारिश ने दैनिक गतिविधियों को अधिक प्रभावित किया। प्रशासन की सतर्कता के बीच लोगों से पानी वाले स्थानों से दूरी रखने की अपील की गई है। फिलहाल जिले में बारिश और खेती पर उसके प्रभाव की निगरानी जारी है।