चतरा के बुटकुइया में पुल नहीं, गर्भवती को खाट पर एक किलोमीटर ले गए ग्रामीण

कुंदा प्रखंड के बुटकुइया गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। परिजन और ग्रामीण प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को खाट पर मुख्य सड़क तक ले गए।

2 मिनट पढ़ें 8 बार पढ़ी गई
चतरा के बुटकुइया गांव में गर्भवती महिला को खाट पर मुख्य सड़क तक ले जाते परिजन और ग्रामीण

चतरा जिले के कुंदा प्रखंड में सड़क संपर्क की कमी के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को अस्पताल पहुंचाने में परिजनों और ग्रामीणों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। सिकीदाग पंचायत के बुटकुइया गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद महिला को खाट पर लिटाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।

घटना सोमवार की है। बुटकुइया निवासी हरिनाथ गंझू की 28 वर्षीय पत्नी रीता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी। गांव के रास्ते में दो मुहायन नदी पर पुल नहीं होने के कारण एंबुलेंस वहां तक नहीं आ सकी।

स्थिति को देखते हुए परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाया और कंधे पर उठाकर एक किलोमीटर से अधिक दूरी तय की। मुख्य सड़क पर पहुंचने के बाद उन्हें दूसरे वाहन की सहायता से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कुंदा ले जाया गया।

वार्ड सदस्य अशोक यादव और ग्रामीण बृजेश यादव तथा रामू गंझू के अनुसार, नदी पर पुल नहीं होने से बरसात के दिनों में बुटकुइया और आसपास के गांवों का आवागमन प्रभावित होता है। उनका कहना है कि मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को ऐसी परिस्थितियों में सबसे अधिक परेशानी होती है।

ग्रामीणों ने दो मुहायन नदी पर जल्द पुल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव तक आपातकालीन वाहन नहीं पहुंचने की स्थिति मरीजों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। पुल बनने से अस्पताल तथा अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकेगी।

कुंदा के प्रखंड विकास पदाधिकारी साकेत कुमार सिन्हा ने नदी पर पुल नहीं होने की पुष्टि करते हुए बताया कि निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, मामले की ओर उपायुक्त का ध्यान दिलाया गया है। नदी बड़ी होने के कारण बड़े पुल की आवश्यकता होगी और डीएमएफटी से इसकी स्वीकृति प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।