चतरा में 137 दुकानों से खाद्य नमूने लिए गए, नौ जांच में मानकों पर खरे नहीं

त्योहारी मांग के बीच चतरा में खाद्य सुरक्षा जांच तेज की गई है। जांच के लिए भेजे गए 89 नमूनों में 80 मानक के अनुरूप मिले, जबकि नौ के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

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चतरा जिले में त्योहारों के दौरान मिठाइयों और दूसरे खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज किया है। जिले की 137 दुकानों से अब तक विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं। इसका उद्देश्य बाजार में बिकने वाली सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच करना है।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश कुमार मरांडी के मुताबिक, एकत्र किए गए नमूनों में से 89 को जांच के लिए भेजा गया। इनमें 80 नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि नौ दुकानदारों के नमूने जांच में निर्धारित मानक पर खरे नहीं उतरे। संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध नियमों के अनुसार जुर्माने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

विभाग सामान्य दिनों में प्रत्येक महीने लगभग 10 दुकानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजता है। त्योहारों में खाद्य सामग्री की बिक्री बढ़ने के कारण निरीक्षण का दायरा बढ़ाया गया है। विभाग अधिक दुकानों की जांच कर रहा है, ताकि गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी सामने आने पर नियमानुसार कदम उठाया जा सके।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घर पर किए जाने वाले सामान्य परीक्षण किसी संभावित मिलावट का केवल शुरुआती संकेत दे सकते हैं। उदाहरण के लिए आयोडीन घोल से कुछ खाद्य पदार्थों में स्टार्च की मौजूदगी का संकेत मिल सकता है, लेकिन इससे हर तरह की मिठाई या प्रत्येक प्रकार की मिलावट की पुष्टि नहीं होती। दूध, मावा, पनीर और घी की गुणवत्ता तय करने के लिए वैज्ञानिक प्रयोगशाला जांच आवश्यक है।

पैकेटबंद मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उपभोक्ताओं को एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, सामग्री और निर्माता का विवरण देखने की सलाह दी गई है। समय-सीमा समाप्त हो चुके खाद्य उत्पाद नहीं खरीदने चाहिए। खरीदारी का बिल संभालकर रखना भी शिकायत की स्थिति में उपयोगी हो सकता है।

यदि किसी दुकान पर संदिग्ध या समय-सीमा पार उत्पाद बिकता मिले तो उपभोक्ता पैकेट, बिल, तस्वीर और दुकान का विवरण सुरक्षित रख सकते हैं। इस जानकारी के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अथवा उपभोक्ता आयोग से संपर्क किया जा सकता है। विभाग के अनुसार, नमूना मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर उल्लंघन की प्रकृति के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना तय किया जाता है।