रांची के धुर्वा स्थित एमडीआई भवन में बुधवार को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में झारखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों और पोषण सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व यानी सीएसआर के उपयोग पर मंथन किया गया। कार्यक्रम महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग और यूनिसेफ की संयुक्त पहल पर आयोजित हुआ।
कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के रास्ते तलाशना था। इसके साथ ही बच्चों, किशोरियों और माताओं तक बेहतर पोषण सेवाएं पहुंचाने के सरकारी प्रयासों में कॉर्पोरेट क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
बैठक में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों, विभिन्न सरकारी विभागों और अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने पोषण और बाल विकास से जुड़ी राज्य की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सीएसआर के माध्यम से मिलने वाले सहयोग की संभावित भूमिका पर चर्चा की।
कार्यशाला के दौरान यूनिसेफ झारखंड के सीएफओ और आईपीई ग्लोबल के राज्य प्रमुख ने राज्य सरकार की पोषण एवं बाल विकास पहलों को बेहतर बनाने से जुड़ी रणनीतियों की जानकारी दी। उन्होंने इस क्षेत्र में सहयोग के लिए तैयार किए गए विभिन्न प्रस्ताव भी प्रतिभागियों के सामने रखे।
चर्चा का केंद्र यह रहा कि सरकारी कार्यक्रमों के साथ कॉर्पोरेट संसाधनों और सहयोग को किस तरह जोड़ा जा सकता है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पहल में आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ वहां से दी जाने वाली पोषण सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला में किसी विशेष परियोजना, धनराशि या क्रियान्वयन की समयसीमा की घोषणा का विवरण सामने नहीं आया है। फिलहाल इसे विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग की संभावनाएं तलाशने तथा भावी प्रस्तावों पर संवाद आगे बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।