लोहरदगा जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग का निरीक्षण अभियान जारी है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक खाद्य पदार्थों के 122 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जनरल स्टोर, होटल, वितरक और खुदरा दुकानें अभियान के दायरे में हैं।
प्रयोगशाला जांच में असफल पाए गए नमूनों से संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध न्यायालय में कार्रवाई की जा रही है। सितंबर तक 14 खाद्य प्रतिष्ठानों के संचालकों के खिलाफ अभियोजन दायर किया गया था और इन मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। जिले में इस वर्ष अब तक कुल 180 दुकानों का निरीक्षण किया गया है।
निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की कमी के साथ एक्सपायरी सामान, बासी मिठाइयां और कीड़े लगे खाद्य पदार्थ मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 31 दुकान संचालकों से कुल 35 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला गया है। रिपोर्ट में 75 दुकानदारों पर जुर्माना किए जाने का भी उल्लेख है।
पर्व-त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी गई। लोहरदगा में लगभग 200 किलोग्राम और कुडू में 20 किलोग्राम लड्डू नष्ट किए गए। पनीर की गुणवत्ता जांचने के लिए करीब दो दर्जन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण भी किया गया।
कुडू के मेन रोड स्थित एक ढाबे में दो किलोग्राम स्टार्चयुक्त पनीर मिलने की पुष्टि के बाद उसे मौके पर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा सरकारी और गैर-सरकारी आवासीय विद्यालयों, मध्याह्न भोजन व्यवस्था तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध भोजन, पानी और अन्य खाद्य सामग्रियों के नमूने भी प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। संबंधित संस्थानों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जानकारी दी जा रही है।
विभाग शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले में सिगरेट, गुटखा तथा तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ भी विशेष अभियान चला रहा है। नियमित निरीक्षण और त्योहारों के दौरान अतिरिक्त निगरानी के जरिए जिले में मिलावट पर अंकुश लगाने तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।