चाईबासा के डायट चैनपुर में प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की पढ़ने में रुचि और भाषाई दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन की ओर से ‘कथा सेतु प्रोजेक्ट’ के तहत हुए इस आयोजन में बाल साहित्य के निर्माण और कहानी के प्रभावी पठन-पाठन पर विचार किया गया।
कार्यशाला का केंद्र कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी रहे। प्रतिभागियों ने इस बात पर मंथन किया कि बच्चों की उम्र, समझ और आसपास के परिवेश को ध्यान में रखकर सरल तथा रोचक कहानियां किस तरह तैयार की जा सकती हैं। आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों को पढ़ने से जोड़ने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
आयोजन में एसआरजी समूह, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और फाउंडेशन की टीम के सदस्यों सहित कुल 22 लोगों ने भाग लिया। अलग-अलग भूमिकाओं से जुड़े प्रतिभागियों ने प्राथमिक कक्षाओं में कहानी के उपयोग और बच्चों के अनुकूल पाठ्य सामग्री विकसित करने से संबंधित अपने विचार साझा किए।
चर्चा के दौरान कक्षा में कहानी पढ़ाने की ऐसी तकनीकों पर ध्यान दिया गया, जिनसे बच्चे शुरुआती स्तर से ही पढ़ने की आदत विकसित कर सकें। कार्यशाला में कहानी को केवल पाठ के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय बच्चों की समझ और रुचि के अनुरूप प्रभावी ढंग से पढ़ाने के तरीकों पर विचार हुआ।
कार्यशाला का व्यापक उद्देश्य शुरुआती कक्षाओं में आधारभूत साक्षरता को मजबूत करना रहा। प्रतिभागियों ने बच्चों के लिए सहज भाषा, परिचित परिवेश और रुचिकर विषयों वाली सामग्री तैयार करने की आवश्यकता पर चर्चा की, ताकि वे कहानी से जुड़ सकें और नियमित पठन की ओर प्रेरित हों।