चाईबासा के श्री मारवाड़ी हिन्दी मध्य विद्यालय में 396 विद्यार्थियों को मिली निःशुल्क पोशाक

श्री मारवाड़ी हिन्दी मध्य विद्यालय में सभी 396 छात्र-छात्राओं के बीच पूरी विद्यालय पोशाक का निःशुल्क वितरण किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने इसे समानता, अनुशासन और अपनत्व से जुड़ी पहल बताया।

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चाईबासा के श्री मारवाड़ी हिन्दी मध्य विद्यालय में सोमवार को सभी 396 छात्र-छात्राओं के बीच संपूर्ण विद्यालय पोशाक का निःशुल्क वितरण किया गया। स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उनकी पोशाक उपलब्ध कराई गई। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल को बच्चों की आवश्यक सुविधाओं से जोड़कर देखा है।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाध्यापक निर्मल चन्द्र त्रिपाठी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए पोशाक वितरण की उपयोगिता पर अपनी बात रखी। पूरे आयोजन का संचालन विद्यालय के शिक्षक अरुण प्रसाद ने किया, जबकि संदीपन महांती ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि छात्र-छात्राओं को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना समिति की प्राथमिकता है। उनके अनुसार, एक जैसी विद्यालय पोशाक बच्चों में समानता और अनुशासन की भावना को बढ़ावा देती है। इससे विद्यार्थियों का अपने विद्यालय के प्रति जुड़ाव भी मजबूत होता है।

सुरेश प्रसाद सिंह ने यह भी बताया कि विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के हित से जुड़े कार्यों में प्रबंधन समिति आगे भी सक्रिय रहेगी। कार्यक्रम में पोशाक वितरण को केवल वस्त्र उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे स्कूल के वातावरण और बच्चों की सहभागिता से जुड़ी सुविधा के रूप में रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय ने सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पर जोर दिया। उन्होंने इसे सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उनके वक्तव्य में विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालय में जरूरी संसाधनों की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की बात सामने आई।

विद्यालय में एक साथ सभी 396 विद्यार्थियों को पोशाक मिलने से वितरण प्रक्रिया पूरी की गई। आयोजन के दौरान प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रबंधन समिति और शिक्षकों की भागीदारी रही। प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों की जरूरतों और विद्यालय के विकास से संबंधित गतिविधियों को आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।