मानदेय वृद्धि और बकाया भुगतान को लेकर रांची में वोकेशनल प्रशिक्षकों का धरना

सरकारी प्लस टू विद्यालयों में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने 10 सूत्री मांगों को लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।

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रांची में झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय के सामने धरना देते व्यावसायिक प्रशिक्षक

रांची में झारखंड के सरकारी प्लस टू उच्च विद्यालयों में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने अपनी सेवा और भुगतान संबंधी मांगों को लेकर धरना दिया। झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय के सामने जुटे प्रशिक्षकों ने मानदेय बढ़ाने, लंबित भुगतान करने और नौकरी की सुरक्षा देने सहित 10 सूत्री मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

प्रशिक्षक संघ के अनुसार, पिछले सात वर्षों से उनके मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हुई है। संघ ने मासिक मानदेय 24 हजार रुपये करने और अप्रैल 2025 से बढ़ी हुई राशि का एरियर देने की मांग रखी। पदाधिकारियों का दावा है कि पीएबी 2024-25 और 2025-26 में मानदेय की राशि 24 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है, लेकिन प्रशिक्षकों को अभी इसका लाभ नहीं मिला है।

धरने में विभिन्न आउटसोर्सिंग कंपनियों के पास लंबित मानदेय का भुगतान 24 घंटे के भीतर कराने की मांग भी उठी। प्रशिक्षकों ने कहा कि मानदेय का नियमित भुगतान प्रत्येक महीने की पहली से पांचवीं तारीख के बीच सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित कंपनियों को विभागीय स्तर पर स्पष्ट निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया।

संघ ने ईएसआईसी और पीएफ की समान रूप से कटौती, हर महीने वेतन पर्ची तथा सभी कार्यरत प्रशिक्षकों को ईएसआईसी कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की। प्रशिक्षकों के मुताबिक, स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को मिलना चाहिए। कंपनियों के कार्यालय रांची में रखने की मांग भी की गई, ताकि प्रशासनिक काम और शिकायतों का समाधान आसानी से हो सके।

विद्यालयों में संसाधनों की उपलब्धता भी धरने का प्रमुख मुद्दा रही। प्रशिक्षकों ने शैक्षणिक सत्र के अप्रैल-मई तक पुस्तकें, कच्चा माल, स्टेशनरी और दूसरी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने को कहा। पुराने विद्यालयों की प्रयोगशालाओं का हर वर्ष रखरखाव करने तथा नए विद्यालयों में अलग-अलग ट्रेड के अनुरूप प्रयोगशालाएं बनाने की मांग रखी गई।

प्रशिक्षकों ने 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा देने और उन्हें झारखंड मैनपावर प्रोक्योरमेंट नियमावली-2025 के दायरे में शामिल करने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कुमार महतो, उपाध्यक्ष निर्मल महतो और प्रदेश सचिव विकास कुमार ने कहा कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उपलब्ध विवरण में विभाग की ओर से किसी निर्णय या प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।